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ईरान ने 24 घंटे में 2 अमेरिकी विमान और 2 हेलीकॉप्टर मार गिराए, युद्ध की बदली दिशा

US-Israel-Iran War : ईरान ने अमेरिका के F-15E और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को मार गिराया , जिससे यह साबित हुआ कि अमेरिका ईरान के ऊपर पूरी तरह हावी नहीं है। ईरान के माजिद एयर डिफेंस सिस्टम और मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों ने अमेरिका के आधुनिक हथियारों को मात दी

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भारत

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Ravendra Mishra

Apr 04, 2026

IRAN WAR

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में खतरानक मोड़ (सोर्स: AI जनरेटेड इमेज)

US-Israel-Iran War:अमेरिका और ईरान के बीच का टकराव अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में ईरान ने अमेरिका के दो ताकतवर सैन्य विमानों को मार गिराया और दो आधुनिक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी जोरदार हमला किया। इस घटना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों की पोल खोल दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के आसमान पर अमेरिका का पूरा कब्जा है और तेहरान के पास खुद को बचाने का कोई रास्ता नहीं बचा है।

गुड फ्राइडे बना अमेरिका के लिए बैड

युद्ध को शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब ईरान ने अमेरिका को गहरी चोट पहुंचाई है। ईरान की सेना ने पहले एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराया। वहीं दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर उसके पायलटों को बचाने के लिए निकले, तो उन पर भी हमला कर दिया। हालांकि वे हेलीकॉप्टर किसी तरह बचकर निकल गए, लेकिन कुवैत के पास एक और अमेरिकी विमान हादसे का शिकार हो गया। पिछले 20 सालों में यह पहली बार है जब अमेरिका के आधुनिक विमानों को किसी देश ने सीधे हमले में मार गिराया है। आखिरी बार ऐसा 2003 में इराक की लड़ाई के समय हुआ था।

'माजिद एयर डिफेंस सिस्टम' बना रक्षक

अमेरिका शुरू से ही ईरान की सुरक्षा प्रणाली को कमजोर बता रहा था। जबकि ईरान ने F-35 और F-15 जैसे हाईटेक विमानों को धूल चटा दी। इसके पीछे ईरान की 'माजिद एयर डिफेंस सिस्टम' है। यह सिस्टम बहुत ही शातिर तरीके से काम करता है क्योंकि यह रडार पर निर्भर नहीं है। दरअसल, रडार न होने की वजह से अमेरिकी विमानों को यह पता नहीं चल पाता कि उन पर मिसाइल छोड़ी गई है। यह सिस्टम विमान से निकलने वाली गर्मी को पहचान कर अपना टारगेट ढूंढता है। F-35 जैसे विमानों से जो तेज गर्मी निकलती है, वही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई और ईरान ने इसी का फायदा उठाया।

ईरान जगह बदल -बदल कर रहा हमले

ईरान ने अब अपने हथियारों को किसी एक जगह रखने के बजाय पहाड़ों, गुफाओं और जमीन के नीचे बनी गुप्त सुरंगों में छिपा दिया है। अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बाद भी ईरान के आधे से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर एकदम सुरक्षित हैं। ईरान अब मारो और भागो की तकनीक अपना रहा है, जिसमें वह मोबाइल लॉन्चरों का इस्तेमाल करता है जो ट्रक पर लदे होते हैं। ये मिसाइल दागने के तुरंत बाद अपनी जगह बदल लेते हैं, जिससे उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी विमान ईरान के ऊपर बेखौफ उड़ रहे हैं, लेकिन अब ईरान ने इस जमीनी हकीकत से दुनिया को रूबरू करवा दिया है।