
नई दिल्ली। नाबालिग निशु आजाद ने शुक्रवार को कहा कि जंतर-मंतर पर उसके पिता के साथ मारपीट की घटना के बाद से वह घर से बाहर निकलने में भी डर रही थी। उसका आरोप है कि आरोपी का समर्थन करने वाले लोग उसे लगातार गालियां दे रहे हैं और दुष्कर्म की धमकी दे रहे हैं। डर के कारण वह दो-तीन सप्ताह तक स्कूल भी नहीं गई। निशु उस समय अपने पिता के साथ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रदर्शन में जंतर-मंतर पर मौजूद थी। वहां उसके पिता के साथ मारपीट हुई थी।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को पॉक्सो, एससी/एसटी अधिनियम और हत्या की कोशिश के मामले में 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने का भरोसा दिया। प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। पत्रकारों से बातचीत में निशु ने कहा कि इतने दिनों से आरोपी का समर्थन करने वाले लोग उसे गालियां दे रहे थे और दुष्कर्म की धमकी दे रहे थे।
उसने कहा कि इस संबंध में उसने एफआईआर दर्ज कराई है और अब उसे उम्मीद है कि पुलिस कार्रवाई करेगी, ताकि उसे यह सब और न सहना पड़े। निशु ने कहा कि जिस तरह से लोग उसे गालियां दे रहे थे, धमकियां दे रहे थे और उसके अश्लील स्टिकर बना रहे थे, उससे उसे घर से बाहर निकलने में भी शर्म महसूस हो रही थी। इस घटना के बाद वह दो-तीन सप्ताह तक स्कूल नहीं गई। अब स्कूल जाती है तो उसे लगता है कि हर कोई उसे जज कर रहा है। नाबालिग ने कहा कि पुलिस अब तक उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी, लेकिन अब आखिरकार उसकी शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने एक कथित वायरल वीडियो में दावा किया कि उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रा के पिता के साथ मारपीट की थी। उसने यह भी आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने उसे राजनीतिक संबंधों के कारण छोड़ दिया था। इससे पहले शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि संजय और उनकी बेटी को लगातार दुष्कर्म, तेजाब हमले और हत्या की धमकियां मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों डर के माहौल में रह रहे हैं। अगर देश की राजधानी में ऐसी स्थिति है तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर तय समय में गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे पुलिस आयुक्त के कार्यालय और जरूरत पड़ने पर गृह मंत्रालय का भी घेराव करेंगे। सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास ने कहा कि उन्हें दिल्ली पुलिस पर भरोसा है और उम्मीद है कि पुलिस अपना वादा पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि गुंडों को इस तरह खुलेआम घूमने नहीं दिया जाएगा।