
निशु आजाद केस में SC-ST एक्ट की धाराएं जुड़ेगी(फोटो-ANI)
Swatantra Bhardwaj: छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में अब एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़े जाने की संभावना है। शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात भी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ने को लेकर कानूनी सलाह ली जा रही है। इसके साथ ही पुलिस इस बात पर भी कानूनी राय ले रही है कि मौजूदा एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जा सकती है या नहीं। CJP का दावा है कि पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे का आश्वासन दिया है।
शुक्रवार को CJP के बड़ी संख्या में समर्थक संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर जुटे। प्रदर्शन का कारण स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित वायरल वीडियो बना, जिसमें उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार से मारपीट करने का दावा किया था। प्रदर्शन के बाद CJP के नेता सौरव दास, आशुतोष रांका, निशु आजाद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पुलिस थाने से बाहर आए। सौरव दास ने कहा कि पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो इस मामले को लेकर देशभर में सवाल उठेंगे।
आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि आरोपी ने मीडिया में सामने आकर कथित घटना के बारे में बातें की हैं। उनके मुताबिक, इसके बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि निशु आजाद और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि परिवार को दुष्कर्म, तेजाब डालने और हत्या तक की धमकियां दी गई हैं। उनका कहना था कि ऐसे माहौल में पीड़ित परिवार डरा हुआ है और पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया पर ऐसे स्टेटस और बयान पोस्ट कर रहे हैं, जिनसे माहौल खराब हो सकता है और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने का खतरा है।
CJP कार्यकर्ता निशु आजाद ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज की 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब मामले में और देरी नहीं होगी। निशु ने बताया कि घटना के बाद उनके समर्थकों की ओर से कथित तौर पर उन्हें लगातार गालियां और दुष्कर्म की धमकियां दी गईं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का उन पर गहरा असर पड़ा और वह कई हफ्तों तक स्कूल नहीं जा पाईं।
CJP के नेता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का हवाला देते हुए कहा कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के हलफनामे का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और आदतन अपराधियों की जांच और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। दास ने सवाल उठाया कि अगर निशु आजाद को धमकियां मिल रही हैं और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज है, तो आरोपी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
थाने से बाहर आने के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस फिलहाल यह कानूनी राय ले रही है कि मौजूदा एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं या नहीं। साथ ही हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने की संभावना पर भी कानूनी सलाह ली जा रही है।
Updated on:
04 Sept 2026 03:22 pm
Published on:
04 Sept 2026 03:16 pm
