
प्रशांत किशोर (फ़ोटो- IANS)
Prashant Kishor in GDP Growth: जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने GDP ग्रोथ रेट और जमीनी आर्थिक हकीकत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार कागजों पर 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट दिखाकर भारत को दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बता रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि आम नागरिक पैसे और नौकरी के लिए संघर्ष कर रहा है।
प्रशांत किशोर ने बताया कि GDP के आधिकारिक आंकड़ों की विश्वसनीयता पर न केवल विपक्षी दलों ने, बल्कि बड़े आर्थिक विशेषज्ञों और पूर्व वित्त सचिवों ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गणना के तरीके पर बहस तो चलती रहेगी, लेकिन असली मुद्दा यह है कि सरकार के दावों का आम लोगों के जीवन पर कोई सकारात्मक असर नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आंकड़े चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न दिखें, जब तक लोगों की आय और जीवन स्तर में ठोस सुधार नहीं होता, तब तक इन दावों पर सवाल उठते रहेंगे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि देश के युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है और ग्रामीण इलाकों में मजदूरी नहीं बढ़ रही है। खेती की लागत और आमदनी के बीच बढ़ते अंतर से किसान परेशान हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं और छोटे व्यापारियों की आर्थिक हालत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब मुख्य उत्पादक वर्ग आर्थिक तंगी में जी रहा हो, तो विकास दर के बड़े-बड़े दावे सिर्फ आंकड़ों का खेल हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जो लोग हमारे साथ फोटो खिंचवाते हैं और जन सुराज के विचारों की तारीफ करते हैं, वे भी वोट देने के समय अक्सर जाति और धर्म के समीकरणों से प्रभावित हो जाते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि जब तक जनता जाति से ऊपर उठकर अपने बच्चों के भविष्य और बुनियादी मुद्दों के आधार पर वोट नहीं करती, तब तक कोई भी व्यवस्थागत बदलाव अधूरा ही रहेगा।
अयोध्या राम मंदिर के लिए नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर प्रशांत किशोर ने कहा कि सिर्फ शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति को बदलने से वित्तीय अनियमितताओं के आरोप खत्म नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि करोड़ों हिंदुओं के लिए गहरी आध्यात्मिक अहमियत रखने वाले इस स्थान पर कथित गबन और चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूर्व पदाधिकारियों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। प्रशांत किशोर ने मांग की कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले पर एक आधिकारिक 'श्वेत पत्र' जारी करे ताकि मंदिर के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी पूरी सच्चाई देश और समाज के सामने आ सके।
Updated on:
04 Sept 2026 03:27 pm
Published on:
04 Sept 2026 03:25 pm
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