
भाजपा सांसद तरुण चुघ और कथित पुलिस बर्बरता का शिकार हुआ युवक (फोटो- tarun chugh facebook/ video grab)
Sikh youth custodial torture: पंजाब के संगरूर जिले के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान की जनसभा के दौरान काले कपड़े दिखाकर विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह सिद्धू की पुलिस हिरासत में कथित पिटाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा सांसद तरुण चुघ ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।
तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि पंजाब की पुलिस आम आदमी पार्टी सरकार के इशारे पर भक्षक बन गई है। उन्होंने दावा किया कि शेरों गांव में जब नशा विरोधी कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह सिद्धू ने एक घर की छत से काले कपड़े दिखाकर नशे के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया और सवाल पूछे तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
तरुण चुघ के अनुसार, युवक को हिरासत में घंटों तक पीटा गया, बिजली के झटके दिए गए, उसके शरीर पर ब्लेड मारकर नमक छिड़का गया और उसके बाल भी नोच लिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि युवक के परिवार के सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें अपशब्द कहे गए।
तरुण चुघ ने आरोप लगते हुए कहा कि हिरासत में युवक के कपड़े उतारकर उसका वीडियो बनाया गया और कथित तौर पर वीडियो कॉल करके आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को दिखाया गया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में अगर कोई नागरिक मुख्यमंत्री के सामने नशे जैसे गंभीर सामाजिक संकट पर सवाल पूछता है, तो क्या उसे इस तरह की क्रूर सजा दी जाएगी? उन्होंने इस घटना को मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
BJP नेता ने कहा कि जो लोग अपनी वर्दी की आड़ में नागरिकों पर अत्याचार करते हैं, उन्हें वह वर्दी या अपने कंधों पर लगे स्टार पहनने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने NHRC से इस मामले में तुरंत दखल देने और मोहनजीत सिंह सिद्धू को न्याय दिलाने की अपील की है।
तरुण चुघ ने मांग की कि इस अमानवीय कृत्य में शामिल चाहे कितना भी बड़ा पुलिस अधिकारी हो, उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उसे तुरंत निलंबित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक संरक्षकों के इशारे पर यह जुल्म ढाया गया है, उन तक भी कानून के हाथ पहुंचने चाहिए।
Updated on:
4 Sep 2026, 4:28 PM IST
Published on:
4 Sep 2026, 4:25 PM IST
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