
Mobile Recharge:बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए रिचार्ज प्लान को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। देश के करोड़ों प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नए टेलीकॉम नियम लागू किए जा रहे हैं। अब आपको 28 दिन के बजाय पूरे 30 दिन की वैलिडिटी वाले रीचार्ज प्लान मिलेंगे। इसके साथ ही जिन लोगों को सिर्फ कॉलिंग और मैसेज की जरूरत है, उनके लिए डेटा-फ्री सस्ते वॉइस प्लान भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस फैसले से विशेष रूप से कम बजट वाले उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा।
कंपनियां 28 दिन की वैलिडिटी देकर एक साल में उपभोक्ताओं से 13 बार रीचार्ज करवा लेती थी। नए 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (13वां संशोधन) रेगुलेशन, 2026' के लागू होने से यह व्यवस्था बदल जाएगी। अब हर महीने का रीचार्ज पूरे 30 दिन चलेगा, जिससे ग्राहकों को साल में सिर्फ 12 बार ही रीचार्ज कराना पड़ेगा।
आज भी देश में कई ऐसे उपभोक्ता हैं, खासकर बुजुर्ग या ग्रामीण इलाकों के लोग, जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल केवल कॉल करने और मैसेज भेजने के लिए करते हैं। कंपनियों के जबरन महंगे डेटा पैक वाले रीचार्ज थोपने से इन्हें आर्थिक नुकसान होता था। नए नियमों के तहत अब टेलीकॉम कंपनियों को केवल 'वॉइस और SMS' वाले अलग प्लान भी पेश करने होंगे, जिससे रीचार्ज का बजट काफी कम हो जाएगा।
सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमित और कम लचीले रीचार्ज विकल्पों को लेकर आम लोगों ने उनसे अपनी शिकायतें साझा की थी। इसके बाद उन्होंने इस विषय को 11 मार्च को संसद में प्रमुखता से उठाया था और सरकार से मांग की थी कि उपभोक्ताओं को किफायती और अधिक विकल्प दिए जाएं। सरकार और TRAI द्वारा इन चिंताओं को समझते हुए नए नियम लागू करने पर उन्होंने आभार भी जताया है।
दिसंबर 2024 में TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को कम से कम एक ऐसा प्लान देने को कहा था, जिसमें सिर्फ कॉल और SMS की सुविधा हो और जिसकी वैधता 365 दिन तक हो सकती है। इसके बाद कंपनियों ने कुछ प्लान जरूर लॉन्च किए, लेकिन ज्यादातर विकल्प 80 से 84 दिन या 336 से 365 दिन की लंबी वैधता वाले और महंगे रहे। कम समय के सस्ते प्लान ग्राहकों के लिए पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं, प्लान से डेटा की सुविधा हटाने के बावजूद उनकी शुरुआती कीमतों में कोई खास कमी नहीं देखने को मिली। इसे लेकर ग्राहकों की शिकायतें बढ़ने के बाद TRAI ने अप्रैल 2026 में नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया। इस पर कंपनियों और अन्य पक्षों से सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित नियमों को अंतिम रूप दिया गया।