नई दिल्ली

मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट, एकनाथ शिंदे ने की प्रधानमंत्री से मुलाकात, क्या श्रीकांत की लगेगी ‘लॉटरी’?

Modi Cabinet Reshuffle: केंद्र में मोदी सरकार के बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भाजपा (BJP) द्वारा उत्तर प्रदेश से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 8 उम्मीदवारों की घोषणा करते ही देश के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
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Eknath Shinde meets PM Modi
पीएम मोदी से मिले एकनाथ शिंदे (Photo: X/@mieknathshinde)

Shrikant Shinde Modi Cabinet: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसकी वजह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से जारी की गई आठ उम्मीदवारों की सूची है। इस सूची में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा को दोबारा मौका नहीं दिया गया है। दोनों का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है।

दिल्ली में एकनाथ शिंदे और पीएम मोदी की मुलाकात

इसी बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सोमवार को नई दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बैठक हुई।

नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल के सवाल पर एकनाथ शिंदे ने बेहद संभलकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सही समय पर सही फैसला लेंगे।

श्रीकांत शिंदे के नाम की चर्चा क्यों?

केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में कल्याण से सांसद और एकनाथ शिंदे के बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है। शिंदे के दिल्ली दौरे से इन चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।

कुछ महीने पहले ही उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

लोकसभा में सीट संख्या और राजनीतिक वजन बढ़ने के कारण एनडीए में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के बाद शिंदे की शिवसेना दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन गई है। इसी वजह से कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार में शिवसेना को एक और कैबिनेट मंत्री पद दिया जा सकता है। हालांकि, श्रीकांत को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा पर सस्पेंस कायम

उत्तर प्रदेश से बीजेपी के जिन मौजूदा राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा भी शामिल हैं। पार्टी ने दोनों को इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया है। इसके अलावा कई अन्य मौजूदा सदस्यों को भी दोबारा टिकट नहीं मिला है। यूपी से चार मंत्रियों के राज्यसभा से बाहर होने की स्थिति और दो केंद्रीय मंत्रियों को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार की ओर से मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

उत्तर प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि आगे मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में क्या बदलाव होंगे। बीजेपी इन मंत्रालयों को अपने पास रखती है या एनडीए के सहयोगी दलों को देती है, इस पर भी नजर रहेगी। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि राज्यसभा उम्मीदवारों की नई सूची ने मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाओं को हवा दे दी है।

Updated on:
06 Oct 2026 11:32 am
Published on:
06 Oct 2026 10:16 am