
NEET Exam System: NEET-UG परीक्षा को लेकर पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोपों के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने परीक्षा की पूरी व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। केंद्र ने कहा कि NEET-UG का मौजूदा सिस्टम काफी सुरक्षित है और इसमें गड़बड़ी करना आसान नहीं है।
सरकार ने अदालत को बताया कि परीक्षा के सवाल तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह जानकारी नहीं होती कि उनके बनाए सवालों में से आखिर कौन-सा सवाल अंतिम पेपर में शामिल किया जाएगा।
केंद्र के मुताबिक, NEET के सवाल किसी एक व्यक्ति से तैयार नहीं कराए जाते। इसके लिए कई मॉडरेटर और विषय विशेषज्ञ प्रश्नों का एक बड़ा बैंक तैयार करते हैं।
इसके बाद इस प्रश्न बैंक में से कौन से सवाल परीक्षा में लिए जाएंगे, इसका फैसला अलग स्तर पर किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाता है।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से किसी एक व्यक्ति के पास पूरी जानकारी नहीं रहती। सवाल बनाने वाले को भी यह नहीं पता होता कि उसके तैयार किए गए प्रश्नों में से कौन सा सवाल अंतिम प्रश्नपत्र में जगह पाएगा।
केंद्र ने यह भी माना कि परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया में इंसानों की भूमिका रहती है। हालांकि, सरकार का कहना है कि इसके बावजूद सुरक्षा के कई इंतजाम किए गए हैं। सरकार के मुताबिक, परीक्षा की प्रक्रिया को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। इससे किसी एक स्तर पर गड़बड़ी की कोशिश होने पर भी पूरी परीक्षा व्यवस्था पर उसका असर पड़ना आसान नहीं है।
NEET-UG परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठते रहे हैं। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। इसी वजह से परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर भी बहस जारी है।
ऐसे समय में केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में दिया गया यह बयान अहम है। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि NEET-UG की मौजूदा व्यवस्था में पेपर की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर इंतजाम हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट केंद्र की दलीलों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े दूसरे पहलुओं पर सुनवाई कर रहा है। अदालत के फैसले पर छात्रों, अभिभावकों और परीक्षा से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।