
Ravi Shankar Prasad statement: 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद बीते शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ नीट पेपर लीक आंदोलन समाप्त हो चुका है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की मांगें मान लिए जाने के बाद भले ही सड़कों पर प्रोटेस्ट थम गए हों, लेकिन इस मुद्दे पर जारी राजनीतिक छींटाकशी रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ जहां विपक्ष छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का हिसाब मांग रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने आंदोलनकारी छात्रों की सराहना करते हुए पूरे विपक्ष को आड़े हाथों लिया है।
बता दें कि News18 India के मंच पर दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सीजेपी और प्रदर्शन कर रहे छात्रों की जमकर सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा। एंकर के सवालों का जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग आंदोलनजीवी होते हैं। देश में कहीं भी कुछ भी होता है, वे लोग वहां जाकर खड़े हो जाते हैं।' उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली के शाहीन बाग में जब CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन हुआ तो वे उसके समर्थन में खड़े हो गए। हरियाणा में पहलवानों का धरना हुआ तो उनके साथ खड़े हो गए। उमर खालिद का मामला आया तो उसके समर्थन में भी पहुंच गए। उन्होंने बिना नाम लिए खासतौर पर राहुल गांधी और पूरे विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में जहां भी किसी भी तरह का प्रदर्शन होता है, विपक्षी नेता वहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े हो जाते हैं।
इसके साथ ही विपक्ष पर किसी भी धरना को समर्थन करने का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि यह परंपरा देश के लिए ठीक नहीं है। बिहार के गांधी मैदान का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा कि हमें नौजवानों के प्रति पूरा सम्मान है, लेकिन ये ट्रेंड ठी नहीं है कि कुछ लोग चाहते हैं कि सचिवालय को घेर लें और हल्ला करने लगे फौरन इस्तीफा दो। पूर्व मंत्री ने कहा कि वह केंद्र सरकार हो या बिहार सरकार हो सभी संवेदनशील है और जनता की बात सुनती हैं।
वहीं, दूसरी तरफ राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर पेलेट गन, आंसू गैस और बल प्रयोग की अनुमति किसने दी। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता और इस मुद्दे को संसद में भी मजबूती से उठाया जाएगा।