कोरोना के ओमीक्रॉन वेरिएंट को लेकर दुनियाभर में खौफ है। इसके चलते सभी देश कोरोना की नई गाइडलाइन जारी कर रहे हैं। इसी क्रम में भारत ने भी अहम फैसला लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। बताया गया कि कोरोना की ये नई गाइडलाइन 1 दिसंबर से लागू होंगी।
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के ओमीक्रॉन वेरिएंट को लेकर दुनियाभर में खौफ है। वहीं अब तो यह वायरस कई देशों तक पहुंच चुका है। इसके चलते सभी देश कोरोना की नई गाइडलाइन जारी कर रहे हैं। इसी क्रम में भारत ने भी अहम फैसला लिया है। दरअसल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। बताया गया कि कोरोना की ये नई गाइडलाइन 1 दिसंबर से लागू होंगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के अनुसार कोरोना के नए वेरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही कोरोना जांच की जाएगी। इस दौरान उन्हें अपनी कोरोना रिपोर्ट के लिए वहीं इंतजार करना होगा। अगर कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उन्हें 7 दिन के लिए अपने घर में ही क्वारंटाइन रहना होगा। नियमों के मुताबिक 8वें दिन फिर से उनका कोरोना परीक्षण किया जाएगा। वहीं इस बार भी रिपोर्ट निगेटिव आने पर अगले 7 दिन तक खुद निगरानी करनी होगी।
इन देशों से आने वाले लोगों पर रहेगी खास नजर
जानकारी के मुताबिक इन नई गाइडलाइन में सरकार ने दक्षिण अफ्रीका के अलावा यूनाइडेट किंगडम सहित यूरोपीय देशों, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिसस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हॉन्ग-कॉन्ग और इजराइल को जोखिम वाले देशों की श्रेणी में रखा है। बता दें कि इन देशों में पहले ही ओमीक्रॉन के केस सामने आ चुके हैं। ऐसे में इन देशों से आने वाले यात्रियों की भारत में भी कोरोना जांच की जाएगी और क्वारंटाइन भी किया जाएगा।
गौरतलब है कि कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे को देखते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज पीएम मोदी को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने पीएम से कोरोना के नए वेरिएंट से प्रभावित देशों की उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने की अपील की है। दिल्ली सीएम का कहना है कि भारत करीब दो साल से कोरोना महामारी से जूझ रहा है, अब जब हमें थोड़ी राहत मिली है तो जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।