
Swatantra Bhardwaj: जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशु आजाद के पिता से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली की अदालत ने शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद हुई।
भारद्वाज को शनिवार दोपहर करीब दो बजे पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर के आवास पर पेश किया गया। मामले में पुलिस ने शुक्रवार को प्राथमिकी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी थीं। भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित की बेटी निशु आजाद की ओर से पेश अधिवक्ता ऋषव रंजन ने भारद्वाज की पेशी के तरीके पर सवाल उठाए।
उन्होंने इसे असामान्य बताते हुए कहा कि शनिवार को करीब पौने दो बजे भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट में न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया। उनके मुताबिक इस दौरान विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई थी और न्यायाधीश अदालत कक्ष में नहीं बैठे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पुलिस ने कौन-सी नई धाराएं लगाई हैं और कितने दिन की रिमांड मांगी गई है। वहीं भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने बताया कि नियमित क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट छुट्टी पर थे।
इस वजह से पहले स्वतंत्र भारद्वाज को लिंक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम तथा पॉक्सो की धाराएं जुड़ने के बाद जांच अधिकारी ने उन्हें दूसरे न्यायाधीश के सामने पेश किया। शर्मा ने बताया कि अदालत की ओर से उन्हें जानकारी दी गई कि भारद्वाज को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अब पुलिस को रविवार को उन्हें फिर अदालत के सामने पेश करना होगा। यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब भारद्वाज का एक वीडियो पॉडकास्ट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल निशु आजाद के पिता से कथित मारपीट को लेकर बात की थी।
इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक संपर्क होने का दावा भी किया था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने स्वतंत्र भारद्वाज की एक दिन की पुलिस रिमांड को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए सवाल उठाया कि क्या एक बार फिर गुंडे को बचाया गया है।