
Nitin Nabin Statement: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान पर शनिवार को सियासी घमासान छिड़ गया। IANS को दिए एक विशेष इंटरव्यू में नबीन ने दोनों नेताओं पर परिवार केंद्रित राजनीति करने और कथित तौर पर देश में अशांति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इसके बाद बीजेपी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए।
बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने नितिन नबीन के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीति को लेकर बिल्कुल सही बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं की राजनीति अपने-अपने परिवारों तक सीमित है और वे परिवार के हितों से आगे नहीं सोचते।
पश्चिम बंगाल के मंत्री तपस रॉय ने भी नबीन के बयान का समर्थन किया। उन्होंने इस मुद्दे को विकास और शासन से जोड़ते हुए राज्य की पिछली सरकारों पर निशाना साधा। रॉय ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 50 वर्षों में कम्युनिस्ट और तृणमूल कांग्रेस की सरकारों ने रोजगार पैदा करने तथा पर्याप्त औद्योगिक और बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए जरूरी काम नहीं किया।
कांग्रेस सांसद बलवंत वानखड़े ने नितिन नबीन की राहुल गांधी और गांधी परिवार पर की गई आलोचना को खारिज कर दिया। महाराष्ट्र के अमरावती में उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने हमेशा निजी हितों से ऊपर देश को रखा है। वानखड़े ने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी देश के हितों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी सांसद रामाशंकर राजभर ने सनातन और ‘टोपी’ से जुड़ी राजनीति को लेकर नितिन नबीन की टिप्पणियों पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अखिलेश यादव की PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की राजनीति से परेशान है। राजभर ने धार्मिक प्रथाओं और इटावा में बन रहे मंदिर का भी जिक्र करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।
वहीं, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के विधायक बेदी राम ने नितिन नबीन की विकास से जुड़ी टिप्पणियों का स्वागत किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार को जरूरी बताते हुए सड़कों, एक्सप्रेसवे, कनेक्टिविटी और ग्रामीण सड़कों के निर्माण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य और देश की प्रगति के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा बेहद जरूरी है।
नितिन नबीन ने अपने इंटरव्यू में राजीव गांधी फाउंडेशन की विदेशी फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी पर कथित तौर पर ‘विदेशी टूलकिट’ के जरिए देश में अशांति पैदा करने की कोशिशों का आरोप लगाया। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता के लोकतांत्रिक संस्थानों और संसदीय परंपराओं के प्रति रुख पर भी सवाल उठाए। उनके इन बयानों के बाद बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।