नई दिल्ली

नूपुर शर्मा को मिला बंदूक का लाइसेंस, पैगंबर विवाद के बाद BJP ने पार्टी से किया था बाहर

BJP की पूर्व नेता व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को बंदूक का लाइसेंस मिल गया है। उन्हें यह लाइसेंस पैगंबर विवाद को लेकर मिल रही धमकियों के कारण दिया गया है। इस विवाद में खाड़ी देशों ने भी बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जताई थी।  
2 min read
• •
Updated: 12 Jan 2023, 3:06 PM IST
nupur-sharma-gets-gun-licence-amid-threats-over-prophet-row.jpg
Nupur Sharma gets gun licence amid threats over Prophet row

पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वाली भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निजी बंदूक रखने का लाइसेंस मिला है। अपनी टिप्पणियों के कारण जान से मारने की कई धमकियां मिलने के बाद नूपुर शर्मा ने बंदूक के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। नूपुर ने एक टेलीविजन शो के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करके बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था, जिसमें कई खाड़ी देशों ने भी नाराजगी जताई थी। इस विवाद के चलते BJP ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित करते हुए उनके बयान से दूरी बना लिया था। नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध भी हुआ था।

विवाद बढ़ने के बाद नूपुर शर्मा ने ट्वीट करते हुए बिना शर्त विवादास्पद बयान को वापस ले लिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि "इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।" वहीं पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा को फटकार भी लगाया था।
यह भी पढ़ें: कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत, जिन्होंने नुपूर शर्मा को लगाई फटकार, कोर्ट में अपने ही खेत से हुई चोरी की सुना चुके हैं दास्तान

दिल्ली से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ेंगी नूपुर शर्मा?
हाल ही में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने न्यूज एजेंसी को इनंटव्यू देते हुए कहा कि अगर नूपुर शर्मा 2024 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली से चुनाव लड़ती हैं तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। बीजेपी निश्चित रूप से उनका इस्तेमाल करेगी।"

रेप व जान से मारने की धमकी के कारण नूपुर को दिल्ली पुलिस दे सुरक्षा
पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक बयान देने के बाद नूपुर शर्मा को जान से मारने और रेप की धमकी मिल रही थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें और उनको परिवार को सुरक्षा भी प्रदान की है। वहीं इस विवाद को दो हत्याओं से भी जोड़ा गया, जिसमें एक नूपुर के बयान का समर्थन करने के लिए उदयपुर में एक दर्जी की हत्या कर दी गई और अमरावती में एक दुकान के मालिक का गला काटकर हत्या हुई। इन दोनों मामलों की अभी जांच चल रही है।

Published on: