Pahalgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के तीन दिन बाद दिल्ली की जामा मस्जिद में हजारों मुसलमानों ने पाकिस्तान का विरोध जताया। इस दौरान मुसलमानों ने साफ तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया।
Pahalgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गम और गुस्से की लहर दौड़ गई है। हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या ने हर नागरिक को झकझोर कर रख दिया है। यह हमला उस वक्त और भी दर्दनाक बन गया। जब सामने आया कि इन लोगों की पहचान उनके धर्म के आधार पर की गई थी। इस नृशंस वारदात के बाद से देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और आतंकी गतिविधियों को शह देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है।
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद इस विरोध का बड़ा केंद्र बनी। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मस्जिद की सीढ़ियों पर हजारों की संख्या में मुसलमान इकट्ठा हुए और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। लोगों ने हाथों में तिरंगा और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' लिखे पोस्टर थामे हुए थे। इस दौरान देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देकर सिर्फ भारत का ही नहीं, बल्कि भारतीय मुसलमानों का भी दुश्मन बन चुका है।
जामा मस्जिद पर जुटे मुसलमानों ने पाकिस्तान को साफ चुनौती देते हुए कहा “हिन्दुस्तान का मुसलमान दहशतगर्दी के खिलाफ है। उन तमाम कश्मीर के भाइयों को सलाम करता है। जिन्होंने कश्मीर में आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम किया है। आज हिन्दुस्तान का हर मुसलमान उन सभी परिवारों के साथ है। जिनके घर का चिराग आतंकवादियों ने बुझा दिया है। हिन्दुस्तान का 30 करोड़ मुसलमान आतंकवाद को हिन्दुस्तान में किसी भी सूरत में पनपने नहीं देगा। बेगुनाह इंसानों का कत्ल इंसानियत का कत्ल है। आज जामा मस्जिद की सीढ़ियों से हम कहना चाहते हैं। आज से 75 साल पहले हिन्दू, मुसलमान, सिख और इसाई ने मिलकर हिन्दुस्तान की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। अब आज से हिन्दू, मुसलमान, सिख और इसाई आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेगा।”
पहलगाम हमले के खिलाफ गुस्सा सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, हर राज्य, हर शहर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर इस आतंकी हमले का विरोध किया। तमाम सामाजिक संगठन, युवाओं के समूह, राजनीतिक और धार्मिक नेता भी इस मामले में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। जगह-जगह कैंडल मार्च, मौन जुलूस और विरोध सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
आम जनता की यह मांग है कि इस अमानवीय कृत्य का जवाब अब कड़े और निर्णायक कदमों से दिया जाए। सरकार से अपील की जा रही है कि वह आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ को और भी सख्ती से लागू करे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति को तेज़ करे। दूसरी ओर देश के गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की। अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर करने को कहा है। यह केंद्र सरकार की उस कार्रवाई का हिस्सा है। जिसमें केंद्र सरकार ने एसवीईएस वीजा पर भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया है।