नई दिल्ली

गाजियाबाद में इंस्पेक्टर ने कराई विभाग की किरकिरी, वीडियो देख अधिकारियों के उड़े होश, एक्‍शन से मची खलबली

Ghaziabad News: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पुलिस चेकिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। वीडियो को लेकर लोगों में सवाल उठे, वहीं,पुलिस प्रशासन को भी सफाई देनी पड़ी। मामला बढ़ने पर आला अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और थाना प्रभारी को चेतावनी दी गई। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

2 min read

Ghaziabad News: दिल्ली से सटे गाजियाबाद से पुलिस चेकिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग सोच में पड़ गए और खुद पुलिस प्रशासन हैरान रह गया। मामला इतना सोशल मीडिया पर फैल गया कि आला अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रशासन की तरफ से थाना प्रभारी को चेतावनी दी गई कि आगे से चेकिंग के नाम पर ऐसी हरकत नहीं करेंगे। फिलहाल थाना प्रभारी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

आपको बता दें कि जिले के कौशांबी थाना प्रभारी अजय शर्मा बांग्लादेशियों को पकड़ने के लिए निकले थे। जांच करने के लिए वे एक झुग्गी में रहने वाले लोगों के पास गए और शक के आधार पर उनसे पूछताछ करने लगे। 26 सेकंड के वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि SHO अजय शर्मा कुछ पुलिसकर्मियों के साथ झुग्गी बस्ती में हैं और एक व्यक्ति से पूछ रहे हैं कि वह भारतीय है या बांग्लादेशी।

ये भी पढ़ें

पिता संग एक घंटे में सगे चाचा का खत्म कर दिया पूरा परिवार, 8 हत्याओं से नहीं भरा मन तो 9वें को मार डाला, पुलिस भी हैरान

SHO के सवाल पर व्यक्ति जवाब देता है कि, “साहब, हम बांग्लादेशी नहीं हैं, बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं।” उसने अपना पहचान पत्र पुलिस को दिया और बार-बार कहता रहा कि वह बिहार का निवासी है। उसने यह भी कहा कि उनका परिवार वर्ष 1986 से इन झुग्गियों में रह रहा है। इसी बीच एक सिपाही अपनी जेब से मोबाइल फोन निकालकर युवक की पीठ पर रख देता है और SHO व्यक्ति को डराते हुए कहते हैं कि, “इस मशीन में दिखा रहा है कि तुम बांग्लादेशी हो।” इसके बाद फिर से वह व्यक्ति बिहारी होने की बात कहता है।

 आलाधिकारियों ने लगाई फटकार

वहीं, इस मामले को लेकर इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि थाना प्रभारी को चेतावनी दी गई है और आगे से इस तरह के गलत तरीके न अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि थाना प्रभारी अजय शर्मा उस व्यक्ति और उसकी बेटी से सच्चाई जानने के लिए उन पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। ACP ने साफ किया कि गलत तरीका अपनाने पर SHO को फटकार लगाई गई है। वहीं, इस पूरे प्रकरण में SHO अजय शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर भी दबाव बनाना नहीं था और न ही उनके पास कोई ऐसी मशीन थी। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मजाक के लहजे में कह रहे थे ताकि वह व्यक्ति बिना समय लगाए सच्चाई बता दे।

इस दिन का है पूरा मामला

गौरतलब है कि यह वायरल वीडियो बीते 23 दिसंबर 2025 का है। दरअसल, कौशांबी थाना पुलिस भौवापुर की झुग्गी बस्ती में सत्यापन अभियान चला रही थी। बताया जा रहा है कि यहां लगभग 50 झुग्गियां हैं, जहां गरीब मजदूर लोग रहते हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों के दस्तावेजों की जांच शुरू की। लेकिन पुलिस द्वारा अपनाए गए तरीके को लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अब बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है।

ये भी पढ़ें

72 राउंड फायरिंग, 69 गोलियां निशाने पर लगीं; बुलेटप्रूफ जैकेट भी नहीं बचा पाई जान…जांच में पुलिस भी परेशान

Also Read
View All

अगली खबर