
Ghaziabad Crime News: देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में गुरूवार को रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी योगेश की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड की छानबीन पुलिस कर रही थी, इसी दौरान पता चला कि योगेश की हत्या करने वाला कोई आम हत्यारा नहीं बल्कि खूंखार आदतन अपराधी है। आरोपी 17 साल पहले अपने सगे चाचा के पूरे परिवार को मार डाला था। इस मामले सबसे हैरान करने वाली बात सामने आई कि योगेश की हत्या करने के लिए उनके ही 2 बेटों ने 5 लाख की सुपारी दी थी।
आपको बता दें कि यह पूरा मामला जिले के लोनी के अशोक विहार का है, जहां रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी योगेश रहते थे। पुलिस के अनुसार, योगेश की हत्या के पीछे व्यक्तिगत खुन्नस सामने आई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक गली के कुत्तों को हमेशा खाना-पानी देता था, जो उसे पसंद नहीं था। शराब पीने के बाद आरोपी अक्सर योगेश से झगड़ा करता था। हत्या करने वाले आरोपी अरविंद और योगेश के बीच पुरानी खुन्नस चल रही थी, जिसकी जानकारी योगेश के बेटों को भी थी। मृतक के बेटे नीतीश और गुड्डू भी अपने पिता की इन हरकतों से परेशान थे। दोनों बेटों ने अपने पिता को रास्ते से हटाने की बात आरोपी अरविंद से की, जिससे उसकी पुरानी रंजिश फिर उभर आई और उसने हत्या करने के लिए हामी भर दी। पिता की हत्या कराने के लिए दोनों बेटों ने अरविंद को 5 लाख रुपये देने का वादा किया था।
व्यक्तिगत खुन्नस और पैसों के लालच में अरविंद दोबारा जुर्म करने के लिए तैयार हो गया। उसे इस बात का डर भी नहीं था, क्योंकि सुपारी देने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसी व्यक्ति के बेटे थे जिसकी हत्या की जानी थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए अरविंद ने अपने जीजा को भी शामिल किया। बताया गया है कि उसका जीजा यूपी पुलिस में सिपाही है और उस समय छुट्टी पर था। दोनों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया और योगेश को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
कौशांबी की मीडिया सेल में तैनात सिपाही नवीन छुट्टी पर आया था और उसने अपने साले का साथ देते हुए योगेश पर गोलियां बरसाईं। ड्यूटी पर वापस न लौटने के कारण नवीन को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है। गुरुवार को पुलिस ने अरविंद को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, सुपारी देने वाले दोनों बेटों को पुलिस खोज रही है। इसके साथ ही पुलिस योगेश के बैंक खातों की भी जांच की जा रही क्योंकि दोनों बेटे उनके ही खाते से 5 लाख रुपए निकालने वाले थे।
हत्या करने वाला आरोपी अरविंद मूल रूप से बुलंदशहर के ग्राम बरारी का रहने वाला है। पुलिस की जांच में सामने आया कि उसने साल 2008 में एक ऐसे हत्याकांड को अंजाम दिया था, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, अरविंद ने अपने पिता के साथ मिलकर अपने चाचा के पूरे परिवार की हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात में बाप-बेटे ने मिलकर 8 लोगों की जान ली थी। उस समय अरविंद नाबालिग था। इस मामले में अरविंद के पिता को फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद अरविंद ने अपनी रोजी-रोटी के लिए लोनी में चक्की चलाना शुरू कर दिया था।
Updated on:
02 Jan 2026 06:25 pm
Published on:
02 Jan 2026 06:20 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
