
Seema Haider News:पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर हमेशा सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी रहती हैं। कभी अपने पाकिस्तानी पति के कारण तो कभी ‘लप्पू-सा’ सचिन के कारण, लेकिन इस बार सीमा के चर्चा में आने का कारण दोनों पतियों के अलावा कुछ और ही है। इस बार उनके चर्चा में रहने की वजह सचिन का दूसरा और सीमा का छठा बच्चा है, जिसने हाल ही में जन्म लिया है।
पबजी की वर्चुअल दुनिया में शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब फिर सुर्खियों में है। पाकिस्तान के कराची से 2023 में चार बच्चों के साथ भारत आई सीमा हैदर ने एक बार फिर मां बनने की खबर से सबको चौंका दिया है। उसने अपने पति सचिन मीणा के दूसरे बच्चे को जन्म दिया है। इससे पहले, महज 11 महीने पहले ही वह सचिन की बेटी की मां बनी थी। सीमा की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती, एक ऑनलाइन गेम से शुरू हुआ रिश्ता, सरहद पार कर लिया गया बड़ा फैसला, और अब बढ़ता हुआ परिवार। लेकिन जैसे-जैसे परिवार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एक अहम सवाल भी फिर से चर्चा में है। आखिर इन बच्चों की नागरिकता क्या होगी?
दरअसल, सीमा हैदर और उसके पहले पति से जन्मे चारों बच्चों की नागरिकता पाकिस्तानी है। भारत आने के बाद सीमा ने अपने और अपने बच्चों के लिए भारतीय नागरिकता की मांग करते हुए राष्ट्रपति के समक्ष याचिका दायर की थी, लेकिन उस पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। उधर, सचिन मीणा से जन्मे दोनों बच्चों की नागरिकता को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। भारतीय नागरिकता कानून की शर्तों के मुताबिक, सीमा के भारत में प्रवेश के तरीके को लेकर उठे सवाल इस मामले को जटिल बना देते हैं। यही वजह है कि भारतीय पिता होने के बावजूद दोनों बच्चों की नागरिकता कानूनी पेच में उलझी हुई दिखाई दे रही है।
भारत में नागरिकता के नियम मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत तय किए गए हैं। समय-समय पर इसमें बदलाव भी किए गए हैं। इस कानून के अनुसार नागरिकता जन्म, लंबे समय तक भारत में रहने या किसी क्षेत्र के भारत में विलय जैसे आधारों पर मिल सकती है। जन्म के आधार पर नागरिकता मिलने की एक अहम शर्त यह है कि बच्चे के माता या पिता में से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। फिलहाल सीमा हैदर जमानत पर बाहर हैं।
सचिन मीणा और सीमा हैदर के बच्चों का मामला इसलिए उलझ जाता है क्योंकि सचिन भारतीय नागरिक हैं। इसलिए एक शर्त पूरी हो जाती है। लेकिन सीमा हैदर नेपाल के रास्ते बिना वैध वीजा के भारत आई थीं। जब वह भारत पहुंचीं, तब उनके पास कानूनी दस्तावेज नहीं थे और बच्चों के जन्म तक उन्हें भारतीय नागरिकता भी नहीं मिली थी। बिना वीजा भारत आने के कारण उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं। इसी वजह से, भारतीय पिता होने के बावजूद बच्चों की नागरिकता का मामला कानूनी जांच और प्रक्रिया में फंसा हुआ है।
इस मामले पर HT को बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील रुद्र विक्रम सिंह कहते हैं कि 'सीमा हैदर और सचिन मीणा के बच्चों को नागरिकता तब तक नहीं मिल सकती है, जब तक यह ना साबित हो जाए कि सीमा वैध तरीके से भारत में आई थी। नागरिकता कानून की धारा 3C (ii) में साफ किया गया है कि बच्चे के जन्म के समय माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैधानिक तरीके से भारत में नहीं रह रहा हो।' वह कहते हैं कि यदि सीमा वीजा लेकर भारत आई होती या फिर बच्चों के जन्म से पहले उसे भारत की नागरिकता मिल गई होती तो कोई बाधा नहीं थी।
दूसरी तरफ सीमा हैदर के मुंहबोले भाई और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एपी सिंह दावा करते हैं कि सीमा और सचिन के बच्चों को भारतीय नागरिकता हासिल है। उन्होंने कहा कि सीमा और सचिन के दोनों बच्चों का बर्थ सर्टिफिकेट बन चुका है और दोनों पूरी तरह भारतीय हैं। हमने जब उनसे सवाल किया कि क्या इस मामले में नागरिकता की शर्तें पूरी हो रही हैं तो उन्होंने कहा, 'सचिन भारतीय है और सीमा हैदर उसकी पत्नी। उनके बच्चे भी भारतीय हैं।'
उन्होंने दलील दी कि सीमा हैदर ने भारत आने से पहले नेपाल में सचिन से शादी कर ली थी। हमने उनसे दो काउंटर सवाल किए, पहला यह कि सीमा हैदर वैध तरीके से भारत में दाखिल नहीं हुई थी, जो नागरिकता की शर्तों का उल्लंघन है, दूसरा यह कि विदेशी नागरिक को भारतीय से शादी करते ही स्वत: नागरिकता नहीं मिल जाती है? एपी सिंह इन सवालों का जवाब नहीं दिया।
Published on:
18 Feb 2026 06:33 pm
