आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार को समर्थन करने के मुद्दे पर फैसला कर लिया है। राष्ट्रपति चुनाव में वोट देने पर फैसला लेने के बाद ऐलान किया गया कि पार्टी सामूहिक विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का समर्थन करेगी।
शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) ने साफ कह दिया है कि राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में वह संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का समर्थन करेगी। आज दिल्ली में AAP की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा हुई। बैठक में यशंवत सिन्हा को समर्थन देने पर फैसला हुआ। इसी बीच शनिवार को आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा का समर्थन करेगी।
इस बैठक में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाव राय, आतिशी, एनडी गुप्ता, दुर्गेश पाठक, पकंज गुप्ता, राघव चड्ढा, इमरान हुसैन और राखी बिड़लान सहित सभी 11 PAC सदस्य मौजूद रहे। सांसद संजय सिंह ने पार्टी की राजनीतिक मामलों की सीमिति की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि, "आप विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का समर्थन करेगी। हालांकि हम द्रौपदी मुर्मू का सम्मान करते हैं लेकिन हम यशवंत सिन्हा को वोट देंगे।"
बता दें, एक तरफ बीजेपी की अगुवाई में केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए द्रौपदी मुर्मू के लिए समर्थन जुटाने में गैर एनडीए शासिद दलों को भी अपने पाले में ला ने में कामयाब हो गई है। दूसरी तरफ विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा भी अपनी उम्मीदवारी मजबूत करने के लिए तमाम दलों के नेताओं से मिल रहे हैं। अब आम आदमी पार्टी ने भी राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा के समर्थन की घोषणा कर दी है।
यह भी पढ़ें: कर्नाटक में सरकारी कार्यालयों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी से हटा प्रतिबंध, एक दिन पहले ही लगाई थी रोक
गौरतलब है की आने वाले 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव होंगे और 21 जुलाई को नए राष्ट्रपति के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति शपथ लेंगे। एक तरफ एनडीए ने द्रौपदी मुर्मू को खड़ा किया गया है तो दूसरी तरफ विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है। जैसे-जैसे राष्ट्रपति चुनाव करीब आता जा रहा है, सभी की निगाहें वोटिंग पर टिकी हुई हैं कि कौन-सी पार्टी किसका समर्थन करती है।
यह भी पढ़ें: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने इस्तीफे में किया अपना बचाव, कहा - 'मैंने क्षमता के मुताबिक देश की सेवा की'