Raghav Chadha vs AAP: AAP और राघव चड्ढा के बीच बढ़ते विवाद के बीच चड्ढा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नई चर्चा छेड़ दी है। क्या वह नई पार्टी बनाने का संकेत दे रहे हैं या सिर्फ विचार की सराहना कर रहे हैं- जानें क्या है पूरा मामला?
Raghav Chadha vs AAP: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढ़ा इन दिनों पार्टी के भीतर चल रहे विवादों को लेकर सुर्खियों में हैं। AAP से उनके रिश्तों में खटास आने के बाद अब हर कोई यही जानना चाहता है कि उनका अगला कदम क्या होगा। इसी बीच चड्ढा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील शेयर कर सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने इस वीडियो को “interesting thought” बताया। इससे लोगों के मन में यह विचार आने लगा है कि शायद राघव चड्ढ़ा कुछ बड़ा करने की तैयारी में हैं।
राघव चड्ढा ने जो रील शेयर की, उसमें एक कंटेंट क्रिएटर ने सुझाव दिया कि उन्हें अपनी खुद की पार्टी बनानी चाहिए, जिसे “Gen-Z पार्टी” जैसे नाम से लॉन्च किया जा सकता है। रील में कहा गया कि अगर वह किसी और पार्टी में जाएंगे तो उन्हें वैसा समर्थन नहीं मिलेगा। साथ ही ऐसा भी हो सकता है कि उन्हें आलोचना झेलनी पड़े। वहीं अगर वह अपनी पार्टी बनाते हैं तो युवाओं का जबरदस्त समर्थन मिल सकता है। इसी विचार के लिए राघव ने “interesting thought” लिखा।
कुछ दिन पहले AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया और उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को जिम्मेदारी दे दी। इसके साथ ही उन्हें संसद में पार्टी के कोटे से बोलने से भी रोका गया। यह फैसला उस समय आया जब वे सोशल मीडिया पर मध्यम वर्ग के मुद्दे उठाकर चर्चा में आ रहे थे। पार्टी ने राघव पर आरोप लगाए कि वह बीजेपी के लिए नरम रवैया रख रहे हैं और गंभीर मुद्दों की जगह एयरपोर्ट पर समोसे की कीमत जैसे विषय उठा रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर कई मीम्स भी बने।
इस विवाद की एक बड़ी वजह यह भी रही कि विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया था। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। वहीं आतिशी ने उनसे सवाल किया कि वह नरेंद्र मोदी से सवाल क्यों नहीं करते? क्या वह बीजेपी से डरते हैं? साथ ही दोनों नेताओं ने यह भी सवाल किया कि जब अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया था, उस समय चड्ढा पार्टी के विरोध प्रदर्शन में मौजूद क्यों नहीं थे?
इन सभी आरोपों के बीच राघव ने साफ कहा कि उन्हें पार्टी के अंदर अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा है और उन्हें “चुप कराने” की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का अवसर मिलता है, वह हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने सवाल भी उठाया कि क्या लोगों की समस्याएं उठाना अब गलत माना जाने लगा है।
इसी बीच सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें वह एक किताब पढ़ते नजर आए। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि इस हफ्ते उन्हें एक किताब गिफ्ट में मिली और जब उन्होंने उसका पहला चैप्टर पढ़ा, तो उसमें लिखा था-“Never outshine the master” यानी अपने गुरु से आगे निकलने की कोशिश न करें।