
Rahul Gandhi CJP Protest: संसद परिसर में शुक्रवार को उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने साथ एक ऐसे छात्र को लेकर पहुंचे, जिसकी एक आंख में गंभीर चोट है। राहुल गांधी का दावा है कि यह छात्र पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का शिकार हुआ था। छात्र को मीडिया के सामने लाकर राहुल गांधी ने सरकार से कई सवाल पूछे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार लगातार कह रही है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन घायल छात्र की हालत कुछ और कहानी बता रही है। उन्होंने कहा कि छात्र की एक आंख की रोशनी चली गई है और यह घटना बेहद गंभीर है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल हजारों युवाओं पर कथित तौर पर पैलेट गन चलाई गई, लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ मारपीट भी हुई। उनके मुताबिक ये सभी युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए आवाज उठा रहा था, लेकिन उसकी बात सुनने के बजाय उस पर सख्ती की गई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदर्शन की वजह पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक था। उनका दावा है कि लाखों युवाओं ने कई साल मेहनत करके परीक्षा की तैयारी की, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास लाखों रुपए थे, वे कथित तौर पर प्रश्नपत्र हासिल करने में सफल रहे, जबकि ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया।
घायल छात्र ने भी अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वह प्रदर्शन में शामिल था। इसी दौरान हालात बिगड़े और उसे पैलेट गन लगी, जिससे उसकी आंख में गंभीर चोट आई। उसने कहा कि वह चाहता है कि भविष्य में किसी भी छात्र के साथ ऐसी घटना न हो।
राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक छात्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लाखों युवाओं से जुड़ा है, जो भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और घायल युवाओं को बेहतर इलाज व सहायता देने की मांग की।
वहीं, सरकार पहले यह कह चुकी है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया था। ऐसे में इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब सभी की नजर आधिकारिक जांच और आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है।