
Belonging A Journey of Love: मां और बेटे का रिश्ता कितना गहरा होता है, इसकी एक झलक कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक सोशल मीडिया पोस्ट में देखने को मिली। मां को लेकर राहुल गांधी का भावुक संदेश शनिवार को सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कांग्रेस नेता ने अपनी मां सोनिया गांधी की तारीफ करते हुए लिखा कि 60 साल बीतने के बाद भी उनमें आज तक कोई बदलाव नहीं आया है। उनके संस्कार और जीवन जीने का तरीका आज भी पहले जैसा है। राहुल ने अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए लिखा, 'मां, मुझे आप पर गर्व है।'
दरअसल, सोनिया गांधी जल्द ही अपनी किताब Belonging: A Journey of Love लेकर आ रही हैं। इससे पहले उन्होंने 'द हिंदू' को दिए इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के कई अनसुने किस्से साझा किए। इसमें राजीव गांधी से पहली मुलाकात से लेकर भारत में बिताए छह दशकों के सफर तक की बातें शामिल हैं। राहुल गांधी ने इसी इंटरव्यू में मां की कही एक बात को साझा करते हुए यह भावुक पोस्ट लिखी।
सोनिया गांधी ने इंटरव्यू में बताया कि बचपन में परिवार से मिले संस्कार आज भी उनके साथ हैं। परिवार और दोस्तों के प्रति प्यार, ईमानदारी, दूसरों की परवाह और अपनी जिम्मेदारियां निभाना उनके लिए आज भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इन बातों में वह आज भी वैसी ही हैं, जैसी 60 साल पहले राजीव गांधी से पहली बार मिली थीं। हालांकि, सोनिया ने एक दिलचस्प बात भी कही। उनके मुताबिक, उस समय वह आज से कहीं ज्यादा हंसती और मुस्कुराती थीं।
सोनिया गांधी की किताब में उनकी जिंदगी के कई ऐसे किस्से भी हैं, जिनके बारे में लोग कम जानते हैं। इसमें राजीव गांधी से उनकी मुलाकात, दोनों की प्रेम कहानी और गांधी परिवार का हिस्सा बनने की कहानी शामिल है।
सोनिया ने बताया कि राजीव गांधी के साथ उनका रिश्ता जुड़ने के बाद भारत भी धीरे-धीरे उनके करीब आता गया। वक्त के साथ यह देश उनका अपना घर बन गया।
उन्होंने बताया कि किताब लिखने का ख्याल करीब 10 साल पहले आया था, लेकिन इसे लिखने का काम उन्होंने लगभग पांच साल पहले शुरू किया। इसे पूरा करने में लंबा समय लगा।
सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love 10 नवंबर को प्रकाशित होगी। इसमें पाठकों को उनकी निजी जिंदगी, राजीव गांधी के साथ रिश्ते और भारत में बिताए लंबे सफर से जुड़ी कई बातें पढ़ने को मिलेंगी।
किताब आने से पहले राहुल गांधी की इस पोस्ट ने मां-बेटे के रिश्ते की एक खूबसूरत झलक दिखाई है। राजनीति से अलग राहुल का यह संदेश बताता है कि मां की कही बातें और उनके संस्कार उनके लिए कितने मायने रखते हैं।