लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंडमान-निकोबार के अपने हालिया दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए ग्रेट निकोबार विकास परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने स्कूबा डाइविंग के जरिए समुद्र के भीतर की जैव विविधता और कोरल रीफ्स को दिखाते हुए यहां सी सुंदरता को दिखाया। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित परियोजना के कारण ग्रेट निकोबार के प्राचीन वर्षावनों और समुद्री पारिस्थितिकी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के तहत करीब डेढ़ करोड़ पेड़ों की कटाई का खतरा है। राहुल गांधी ने कहा कि अंडमान-निकोबार दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों, बसे हुए परिवारों, आदिवासी समुदायों, पर्यावरणविदों और शोधकर्ताओं से बातचीत की।

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंडमान-निकोबार के अपने हालिया दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए ग्रेट निकोबार विकास परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने स्कूबा डाइविंग के जरिए समुद्र के भीतर की जैव विविधता और कोरल रीफ्स को दिखाते हुए यहां सी सुंदरता को दिखाया। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित परियोजना के कारण ग्रेट निकोबार के प्राचीन वर्षावनों और समुद्री पारिस्थितिकी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के तहत करीब डेढ़ करोड़ पेड़ों की कटाई का खतरा है।
राहुल गांधी ने कहा कि अंडमान-निकोबार दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों, बसे हुए परिवारों, आदिवासी समुदायों, पर्यावरणविदों और शोधकर्ताओं से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने ‘ग्रीन ओवर ग्रीड’ शीर्षक से अभियान शुरू करते हुए ग्रेट निकोबार परियोजना पर सवाल उठाए हैं।
राहुल ने कहा कि ग्रेट निकोबार केवल एक द्वीप नहीं, बल्कि भारत की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। उन्होंने चेतावनी दी कि परियोजना के कारण प्राचीन वर्षावन, जैव विविधता और कोरल रीफ्स को अपूरणीय क्षति हो सकती है।एक बार यह प्राकृतिक संपदा नष्ट हो गई तो इसे दोबारा हासिल करना संभव नहीं होगा।
राहुल ने केंद्र सरकार के उस दावे को भी चुनौती दी कि यह परियोजना मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक जरूरतों से जुड़ी है। उनका कहना है कि यदि उद्देश्य रक्षा ढांचे को मजबूत करना है तो मौजूदा सैन्य प्रतिष्ठानों का विस्तार किया जा सकता है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर वन कटाई आवश्यक नहीं है।
राहुल ने प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े किए। सरकार एक ओर इसे सामरिक परियोजना बताती है, वहीं दूसरी ओर इसमें होटल, पर्यटन और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। इससे परियोजना के वास्तविक उद्देश्य को लेकर संदेह पैदा होता है।
राहुल ने कहा कि परियोजना से प्रभावित स्थानीय परिवारों और आदिवासी समुदायों के हितों की अनदेखी की जा रही है। कई परिवारों की जमीनें प्रभावित हो रही हैं और आदिवासी समुदायों की सहमति तथा अधिकारों को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
राहुल गांधी ने समुद्र में स्कूबा डाइविंग की और कोरल रीफ्स के बीच की तस्वीरें तथा वीडियो साझा किए। उन्होंने कहा कि अंडमान-निकोबार दुनिया के सबसे समृद्ध समुद्री पारिस्थितिकी क्षेत्रों में शामिल है और इसका संरक्षण राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। कांग्रेस टिकाऊ और पर्यावरण-संतुलित विकास की समर्थक है, लेकिन विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय समुदायों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।