
Supreme Court Hearing: अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस के सात मामलों में 2 करोड़ रुपए जमा करा दिए हैं, लेकिन उनकी सजा पर अभी फैसला नहीं हुआ है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके वकील ने बताया कि पूरी रकम जमा कर दी गई है। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने दूसरे पक्ष से पूछा कि अब आपसी सहमति से मामला क्यों नहीं सुलझा लिया जाता। अदालत ने मामले की सुनवाई करने की बात कही, लेकिन सजा माफ करने का कोई फैसला नहीं सुनाया।
राजपाल यादव की ओर से वकील विक्रांत ने अदालत को बताया कि 2 करोड़ रुपए जमा कराने के आदेश का पालन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब उनकी याचिका पर सुनवाई की जाए।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ कर रही है। राजपाल यादव ने चेक बाउंस के सात मामलों में अपनी सजा को चुनौती दी है। इन मामलों में उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई गई थी।
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने बताया कि अभिनेता ने 2 करोड़ रुपए जुटाने के लिए अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेच दी है। यानी रकम जमा कराने के लिए उन्हें अपनी संपत्ति बेचनी पड़ी।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने दूसरे पक्ष से कहा कि जब 2 करोड़ रुपए अदालत में जमा हैं, तो विवाद सुलझाने की कोशिश क्यों नहीं की जाती? उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष को भी समझदारी दिखाते हुए समझौते के बारे में सोचना चाहिए।
फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह याचिका पर सुनवाई करेगा। अदालत ने दूसरे पक्ष को समझौते की सलाह जरूर दी है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि दोनों पक्ष इस पर सहमत होंगे या नहीं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 2 करोड़ रुपए जमा कराने से सजा अपने आप खत्म नहीं होती। इस पर अदालत को अलग से फैसला करना होगा।
यह मामला राजपाल यादव की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़े पैसों के विवाद के बाद सामने आया था। चेक बाउंस के सात मामलों में सजा को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर अब आगे की सुनवाई अहम होगी। फिलहाल राजपाल यादव को सजा से राहत मिलने का इंतजार है।