Republic Day High Alert: पिछले एक महीने से दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमों ने तकरीबन एक हजार पार्किंग स्पॉट्स को चिह्नित किया, जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से खतरा माना जा रहा है, क्योंकि यहां ज्यादातर गाड़ियां बिना निगरानी के पार्क की गई हैं।
Republic Day High Alert: राष्ट्रीय राजधानी में 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इसका कारण दिल्ली में तकरीबन 1000 ऐसे पार्किंग स्पॉट्स हैं, जहां सालों से बिना निगरानी के सैकड़ों कारें खड़ी हैं। यह कारें यहां महीनों से पार्क हैं। इसकी जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस के भी होश उड़ गए। ये सभी पार्किंग स्पॉट्स मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बाजार, मॉल्स, ऑफिसों और रिहायशी इलाकों के आसपास हैं। इन जगहों पर भीड़ भी सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में पुलिस और खुफिया एजेंसियां इन कारों को खतरे की आशंका मान रही हैं।
दरअसल, दिल्ली में पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट में लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि तीन दर्जन लोग घायल हो गए थे। इस हमले में एक i20 कार का प्रयोग किया गया था। धमाके में इस्तेमाल हुई i20 कार लगभग तीन घंटे तक एक पार्किंग में खड़ी रही। इसके बाद इस धमाके को अंजाम दिया गया। इस दौरान किसी को इस धमाके की कानोंकान खबर तक नहीं हुई थी। इसी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम पिछले साल 16 दिसंबर से शहर में पार्किंग स्थलों की जांच में जुटी थी।
नवंबर 2025 में हुए कार धमाके को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के पार्किंग स्थलों की जांच की। इस दौरान लगभग 4000 पार्किंग स्थलों में से 1000 पार्किंग स्थल ऐसे मिले, जहां महीनों से कई गाड़ियां पार्क हैं, लेकिन कोई उनकी खैर खबर पूछने वाला नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि 1000 पार्किंग स्थलों में खड़ी कारों के मालिकों का पता नहीं चल सका है। इसलिए अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली पुलिस सूत्रों ने कहा "हम नहीं जानते इन पुरानी गाड़ियों के मालिक कौन हैं, इनमें क्या भरा है और ये यहां क्यों छोड़ दी गई हैं। ये किसी भी वक्त खतरे का सबब बन सकती हैं।"
दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो पार्किंग स्थलों में बिना निगरानी खाली खड़ी ये गाड़ियां न सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम की वजह भी हैं। इसलिए पुलिस अब जिला स्तर पर ऐसी गाड़ियों को जब्त करने की तैयारी में है, जिन्हें या तो उनके मूल मालिकों को लौटाया जाएगा या फिर स्क्रैप किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में ऑथराइज्ड और अनऑथराइज्ड मिलाकर करीब 4,000 पार्किंग स्पॉट्स हैं, लेकिन कई जगहों पर कोई जवाबदेही तय नहीं है। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या करीब 82.4 लाख है, जबकि अप्रूव्ड पार्किंग की क्षमता मात्र 1.06 लाख गाड़ियों की ही है। ऐसे में गाड़ी खड़ी करने को लेकर जगह की भारी कमी है।
बीते 16 दिसंबर से मध्य जनवरी तक चले दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम के सर्वे में सामने आया कि ज्यादातर पार्किंग अनऑथराइज्ड हैं, जहां न सीसीटीवी काम कर रहे हैं और न ही सिक्योरिटी गार्ड है। छोटी-मोटी ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की समस्याओं के साथ सबसे गंभीर मुद्दा लंबे समय से खड़ी, अनअटेंडेड गाड़ियां हैं। इस बारे में कई डीसीपी को चेतावनी दी गई, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने पर स्पेशल सेल ने पूरी रिपोर्ट सीधे पुलिस कमिश्नर को सौंप दी। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समस्या पुरानी जरूर है, लेकिन अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दिल्ली में गाड़ियां ज्यादा हैं और ऑथराइज्ड पार्किंग स्थलों में जगह की भारी कमी है। इसी के चलते पुरानी गाड़ियां अनऑथराइज्ड पार्किंग स्थलों में भूतिया बनकर खड़ी हैं।