
Sambit Patra on Mallikarjun Kharge: बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 13 करोड़ मतदाताओं के वोट चोरी होने के दावे पर पलटवार किया है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि भारत में अगर 13 करोड़ लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया जाता, तो क्या देश में शांति बनी रह सकती थी? उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी का वोट चोरी नहीं हुआ है।
संबित पात्रा ने कहा कि खड़गे जी ने दावा किया कि 13 करोड़ मतदाताओं के वोट चोरी हो गए। यह भारत है, खड़गे जी। 13 करोड़ लोगों को उनके वोट से वंचित करने का मतलब मॉक संसद करना नहीं, बल्कि 13 करोड़ लोगों का सड़कों पर उतरना होता।”
बीजेपी नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों से भी सवाल किया कि क्या उनका वोट चोरी हुआ है? उन्होंने कहा कि आज इस बात का भी पता लगा लेते हैं कि कितने लोगों के वोट चोरी हुए हैं। पात्रा ने दावा किया कि किसी का भी वोट चोरी नहीं हुआ है।
संबित पात्रा ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया अभी जारी है और यह पूरी नहीं हुई है। ऐसे में विपक्ष की ओर से 13 करोड़ लोगों के वोट चोरी होने का दावा करना गलत है। उनके मुताबिक, SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों की स्थिति स्पष्ट होगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों को लेकर पलटवार किया। मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान का जवाब देते हुए उन्होंने दावा किया कि अगर देश में कभी वोट चोरी हुई है, तो वह जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री पद के लिए सरदार पटेल का समर्थन किया था, लेकिन नेहरू ने कथित तौर पर उन मतों को दरकिनार कर प्रधानमंत्री पद हासिल कर लिया। इसी आधार पर उन्होंने नेहरू को ‘निर्वाचित नहीं हुए प्रधानमंत्री’ करार दिया।