
खरगे के आवास पर 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम में पहुंचीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा। (फोटो सोर्स-@NehaAisa)
Mock Parliament: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध कार्यक्रम में शनिवार को एक और आवाज जुड़ी। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पहुंचीं। यहां उन्होंने संसद में बैठे नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वे सच में जनता की आवाज उठाते, तो आज जो कार्यक्रम यहां हो रहा है, वह संसद के अंदर होना चाहिए था।
नेहा बोरा ने कहा कि वह यहां 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम में शामिल होने आई हैं। उनके मुताबिक, देशभर के लोग लंबे समय से इस तरह की कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जनता के हितों की बात होनी चाहिए। अगर वहां लोगों की मांग उठाई जाती, तो इस तरह का कार्यक्रम संसद के बाहर करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
नेहा बोरा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहा है। विपक्ष ने इस कार्यक्रम को 'पब्लिक इम्पीचमेंट' नाम दिया है। इसमें मॉक पार्लियामेंट के तरीके से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों और चुनाव आयोग के कामकाज पर चर्चा की जा रही है।
कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल हो रहे हैं। इसका मकसद अपनी मांगों को जनता के सामने रखना और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर चर्चा करना है।
विपक्ष ने इस कार्यक्रम को पहले दिल्ली में दूसरी जगह आयोजित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए होटल अशोक और रामलीला मैदान जैसे स्थानों पर कार्यक्रम करने की कोशिश हुई, लेकिन अनुमति से जुड़ी दिक्कतों के बाद आयोजन का स्थान बदलना पड़ा। आखिरकार इसे खरगे के आवास पर करने का फैसला लिया गया।
यह कार्यक्रम पहले 30 अक्टूबर को होना था, लेकिन दिल्ली में बारिश के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इसकी अध्यक्षता कर रही हैं, जबकि खरगे की ओर से कार्यवाही शुरू की गई है।
विपक्षी दलों का मुख्य विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। इससे सही मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे पर विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
यहां एक बात समझना जरूरी है कि खरगे के घर हो रहा 'पब्लिक इम्पीचमेंट' संसद में होने वाली असली महाभियोग या पद से हटाने की कानूनी प्रक्रिया नहीं है। यह विपक्ष का सांकेतिक विरोध कार्यक्रम है। इसके जरिए वह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने आरोप और मांगें सामने रख रहा है।
विपक्ष का यह अभियान यहीं खत्म नहीं होने वाला है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली भी होनी है। इस रैली में SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाया जाएगा।
Updated on:
31 Oct 2026, 4:30 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 4:30 PM IST
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