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ऑस्ट्रिया के पते पर भेज दिया गया ध्रुव राठी का वारंट, अब दिल्ली कोर्ट ने गुरुग्राम के पते पर फिर जारी किया जमानती वारंट

Dhruv Rathee Defamation Case: ध्रुव राठी के 2018 के मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने फिर जमानती वारंट जारी किया है। पहले वारंट गलत ऑस्ट्रिया के पते पर भेजे गए थे। अब अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर तय की है।
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नई दिल्ली

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Imran Sheikh

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Updated: 31 Oct 2026, 3:12 PM IST

Delhi Saket Court

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ध्रुव राठी के खिलाफ फिर जारी किया जमानती वारंट। (फोटो सोर्स-IANS)

Delhi Saket Court: यूट्यूबर ध्रुव राठी से जुड़े आठ साल पुराने मानहानि मामले में दिल्ली की अदालत ने एक बार फिर जमानती वारंट जारी किया है। इस बार मामला वारंट भेजने के पते को लेकर चर्चा में है। अदालत ने पाया कि पहले जारी किए गए वारंट ऑस्ट्रिया के गलत पते पर भेजे गए थे, जबकि ध्रुव राठी का गुरुग्राम वाला पता दिया गया था। पुराने वारंट पर कार्रवाई नहीं हो पाने के बाद अब अदालत ने नए सिरे से वारंट जारी करने का आदेश दिया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की साकेत कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता विकास सांस्कृत्यायन के वकील ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी भारत छोड़कर विदेश जा चुके हैं और फिलहाल देश से बाहर रह रहे हैं। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर तय की है।

2018 के एक वीडियो से शुरू हुआ था विवाद

यह पूरा मामला मई 2018 में ध्रुव राठी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो से जुड़ा है। वीडियो का नाम 'BJP IT Cell Part II' था। इसमें राठी ने आरोप लगाया था कि BJP IT सेल के कुछ लोगों ने विकास सांस्कृत्यायन को उन्हें बदनाम करने के लिए पैसे देने की कोशिश की थी।

विकास सांस्कृत्यायन ने इन आरोपों को गलत बताते हुए अदालत में मानहानि का केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि वीडियो में उनके बारे में झूठी बातें कही गईं, जिससे उनकी छवि खराब हुई। इस वीडियो को उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

केजरीवाल ने मानी थी वीडियो शेयर करने की गलती

शिकायतकर्ता ने इस मामले में ध्रुव राठी के साथ अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की थी। बाद में केजरीवाल ने अदालत में माना था कि वीडियो शेयर करना उनकी गलती थी। इसके बाद उनके खिलाफ मामला अलग तरीके से आगे बढ़ा, जबकि वीडियो बनाने और अपने चैनल पर डालने के मामले में ध्रुव राठी के खिलाफ सुनवाई जारी रही।

2019 से अदालत में चल रहा है मामला

अदालत ने 23 जुलाई 2019 को पहली बार ध्रुव राठी को पेश होने के लिए समन भेजे थे। लेकिन उनके विदेश में रहने के कारण समन पहुंचाने में बार-बार परेशानी आई। 12 अक्टूबर को शिकायतकर्ता की ओर से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।

वकील ने बताया था कि राठी जर्मनी में रहते हैं और उस समय CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने भारत आए थे। इसी दौरान गुरुग्राम के सेक्टर-56 का पता अदालत को दिया गया था। अब नए जमानती वारंट जारी होने के बाद मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।