
Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के हादसे को लेकर एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। जाखड़ ने कहा कि हादसे के समय मौके पर पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा सुविधा और दमकल की टीम मौजूद नहीं थी। जाखड़ के मुताबिक वे हादसे के समय आसपास ही थे। तभी एनएसयूआई के एक साथी का फोन आया कि एक कार्यकर्ता इमारत के अंदर फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका एक साथी इसी पीजी में रहता था। जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक पूरी इमारत ढह चुकी थी।
उन्होंने कहा कि मौके पर मदद के लिए कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने खुद मलबा हटाना शुरू किया और अंदर फंसे छात्रों को निकालने का प्रयास किया। जाखड़ ने दावा किया कि समय पर पहुंचने के कारण तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से एक की मौके पर ही मौत होने की आशंका है, जबकि दो अन्य लोगों को बचा लिया गया। एनएसयूआई अध्यक्ष ने पीजी संचालकों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में चल रहे कई पीजी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।
जाखड़ ने कहा कि इन पीजी माफिया पर कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने हादसे की जिम्मेदारी तय करने और पीजी में सुरक्षा मानकों की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत भरभराकर गिर गई। इमारत में पेइंग गेस्ट (पीजी) चल रहा था, जिसमें कई छात्र रह रहे थे। हादसे के बाद कई छात्र मलबे के नीचे फंस गए। स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज और विधायक अनिल शर्मा के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का आदेश अधिकारियों को दिया है।
मौके पर पहुंचे आरके पुरम से भाजपा विधायक अनिल कुमार शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। अलग-अलग जगहों से पढ़ने आए छात्र इस पीजी में रह रहे थे। विधायक ने कहा कि यह साफ है कि छात्र मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। अभी-अभी दो बच्चों को निकाला गया है और आपदा प्रबंधन बल, एमसीडी और पुलिस की टीमें उन्हें अस्पताल ले गई हैं। बाकी बच्चे अभी भी अंदर फंसे हैं। अनिल शर्मा ने बताया कि कुछ छात्र मलबे के नीचे से फोन कर मदद मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता ने पूरी इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को मौके पर भेजा है और दिल्ली भाजपा प्रमुख व सांसद हर्ष मल्होत्रा फोन पर लगातार संपर्क में हैं। प्रशासन की पहली प्राथमिकता फंसे हुए छात्रों को बचाना है।