
दिल्ली के सत्य निकेतन में ईमारत गिरी(फोटो-IANS)
Delhi CM Rekha Gupta: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। एक चश्मदीद के मुताबिक, इमारत में 20 से 30 लोग फंसे हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ, एमसीडी, डीडीएमए, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान जारी है। एहतियात के तौर पर हादसे से सटी इमारत को भी खाली करा लिया गया है। इस हादसे पर सीएम रेखा गुप्ता ने भी सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट करके दुःख जताया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
हादसा मोती बाग के पास सत्य निकेतन में शिव मंदिर के नजदीक हुआ। इस इमारत में पीजी चल रहा था। ऐसे में आशंका है कि हादसे के वक्त अंदर छात्र मौजूद हो सकते हैं। हालांकि, इमारत के गिरने के समय उसमें कितने लोग मौजूद थे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।चश्मदीदों के मुताबिक, इमारत अचानक गिर गई और कुछ ही पलों में पूरी बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई। इमारत गिरने के बाद आसपास धूल का गुबार फैल गया और वहां मौजूद लोग घबराकर भागने लगे।
मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत गिरते ही लोग कुछ समझ नहीं पाए और जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे। चश्मदीद ने मलबे में 20 से 30 लोगों के दबे होने की आशंका जताई है। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने भी मलबे में कई लोगों के फंसे होने की बात कही। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक मलबे में फंसे लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बचाव दल मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को तलाशने और सुरक्षित बाहर निकालने में जुटा है।
Updated on:
06 Sept 2026 04:36 pm
Published on:
06 Sept 2026 03:57 pm
