Saurabh Bhardwaj: पालम हादसे के पीड़ितों से मिलने पहुंचे अरविंद केजरीवाल के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली की राजनीति में बड़ा ड्रामा देखने को मिला। घटना के विरोध में दिल्ली सरकार के मंत्री और 'आप' नेता सौरभ भारद्वाज मीडिया के सामने प्रतीकात्मक रूप से अपनी ही 'अर्थी' लेकर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने बेहद तल्ख तेवर अपनाते हुए सीधा हमला बोला और स्पष्ट किया कि वे किसी भी धमकी या कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
Saurabh Bhardwaj: पालम अग्निकांड के पीड़ितों से मिलने पहुंचे आम आदमी पार्टी AAP के नेताओं के साथ हुई कथित बदसलूकी के जवाब में, दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को विरोध का एक बेहद नाटकीय और आक्रामक अंदाज अपनाया। बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए सौरभ भारद्वाज मीडिया के सामने अपनी ही 'अर्थी' लेकर पहुंच गए। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि उन्होंने पार्टी दफ्तर में ही अपनी अर्थी मंगा ली है क्योंकि वे किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। बीजेपी पर पालम हादसे को लेकर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, 'हम इनके बाप से भी नहीं डरते।'
सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कल शोक सभा में चर्चा रोकने के लिए पूरी साजिश रची गई थी। उन्होंने बताया, कल बीजेपी ने पूरी कोशिश की कि हम लोग शोक सभा में न बैठें और इस मुद्दे पर चर्चा न हो कि आखिर लोग क्यों मर गए। हम पर कुर्सियां फेंककर मारी गईं, जो हमारे पूर्व विधायक विनय मिश्रा को लगीं। हद तो तब हो गई जब हमारी महिला पार्षद की छाती पर पुलिस वालों ने हाथ और कोहनियां मारीं।
भारी गुस्से में नजर आए भारद्वाज ने आगे कहा कि बीजेपी की इस गुंडागर्दी के बावजूद अरविंद केजरीवाल जी 'शेर' की तरह शोक सभा में गए। उन्होंने केंद्र और बीजेपी को सीधी चुनौती देते हुए कहा, हमने अब अपने सिर पर कफन बांध लिया है। हम बीजेपी के गुंडों से नहीं डरने वाले, फिर चाहे हमें गोली ही क्यों न मार दी जाए। अब हम हर मुद्दा उठाएंगे और पीछे नहीं हटेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर हमलावर होते हुए कहा कि पालम अग्निकांड को लेकर अब वो सच सामने आ गया है जिसे दबाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर प्रशासन और फायर ब्रिगेड मुस्तैद होते तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। भारद्वाज ने कहा, आज अखबारों में वह खबर छप गई जिसे दिल्ली सरकार और पुलिस दबाना चाहती थी। अगर समय पर फायर ब्रिगेड की सीढ़ी खुल जाती, तो लोगों की जान बच सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार 9 लोगों की जान बचाना चाहती तो लोगों को गद्दे बिछाने देती, लेकिन सरकार लोगों की नहीं, अपनी जान बचाना चाहती थी। बीजेपी सरकार की एक दिन की बदनामी ना हो कि इनकी फायर ब्रिगेड ठीक से काम नहीं करती, इसलिए 9 लोगों को मरने दिया गया।
उन्होंने आगे कहा, मैं बीजेपी से कहना चाहता हूं कि थोड़ी सी शर्म करो। एक परिवार के 9 लोग मर गए और तुम गंदी राजनीति कर रहे हो। हमें कल से गालियाँ दी जा रही हैं। लोगों की मौत पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। बीजेपी सरकार इतनी सेंसरशिप कर रही है कि जो लोग मर गए, उनके अंतिम संस्कार की वीडियो तक नहीं दिखाने दी जा रही।