नई दिल्ली

SIR मुद्दे पर भड़के अभिजीत दीपके, कहा- ‘ज्ञानेश कुमार को भाजपा ज्वाइन कर लेना चाहिए’

Abhijit Dipke Latest Statement: SIR को लेकर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को भाजपा ज्वाइन कर लेना चाहिए।
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SIR News
SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते CJP संस्थापक अभिजीत दीपके। (फाइल फोटो:IANS)

SIR News: मतदाता सूची में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं। दीपके ने तंज करते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग का काम बीजेपी के पक्ष में ही दिख रहा है तो ज्ञानेश कुमार को बीजेपी ज्वाइन कर लेना चाहिए।

दीपके ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उससे ऐसा लगता है कि उसका रुख बीजेपी के पक्ष में है। इसी को लेकर उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर यह टिप्पणी की। हालांकि, यह दीपके का आरोप है। चुनाव आयोग की ओर से इस आरोप की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

SIR को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?

SIR यानी Special Intensive Revision का मतलब मतदाता सूची की खास तरह से जांच करना है। इसमें यह देखा जाता है कि वोटर लिस्ट में दर्ज लोगों की जानकारी सही है या नहीं। जरूरत पड़ने पर सूची में बदलाव भी किया जाता है।

SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही बहस चल रही है। विपक्ष की ओर से इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि यह काम तय नियमों के तहत किया जा रहा है।

इसी बीच चुनाव आयोग के अंदर SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर अलग राय होने की खबर भी सामने आई। एक रिपोर्ट में कहा गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों पर अपनी अलग राय रखी थी। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं।

CJP ने भी उठाया मुद्दा

इस मामले के बाद CJP ने भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाने का फैसला किया है। पार्टी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR, चुनाव आयोग और लोगों के वोट देने के अधिकार से जुड़े सवाल उठाने की बात कही है।

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि लोगों का वोट देने का अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। उनका कहना है कि अगर लोगों के वोट को लेकर ही भरोसा नहीं रहेगा तो दूसरे मुद्दों पर किए जाने वाले आंदोलन का भी ज्यादा मतलब नहीं रह जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने भी अपनी बात रखी और ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

पहले भी ज्ञानेश कुमार पर निशाना

अभिजीत दीपके इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार को लेकर ऐसी टिप्पणी कर चुके हैं। 21 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने चुनाव आयोग के एक फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर आयोग का काम बीजेपी के पक्ष में ही जा रहा है तो मुख्य चुनाव आयुक्त को बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए।

उन्होंने विपक्षी दलों के चुनाव चिह्नों को लेकर भी इसी तरह तंज किया था। अब SIR को लेकर उनकी नई टिप्पणी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ SIR को लेकर विपक्ष और दूसरे राजनीतिक दल सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के मुताबिक बता रहा है। ऐसे में मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस जारी रह सकती है।

Updated on:
24 Sept 2026 03:01 pm
Published on:
24 Sept 2026 03:01 pm