
Sonam Wangchuk Protest Delhi: सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन के बीच नया विवाद सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि प्रदर्शन स्थल में 30-40 लोग कथित तौर पर घुस आए थे, जिनका मकसद माहौल खराब करना और ‘भारत विरोधी भड़काऊ बयान’ देने की कोशिश करना था। CJP ने समर्थकों से ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे दूरी बनाने की अपील की है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि करीब 30 से 40 अनजान लोगों ने प्रदर्शन वाली जगह के अंदर घुसने की कोशिश की। पार्टी का आरोप है कि ये लोग माहौल को बिगाड़ने और 'भारत विरोधी भड़काऊ बयान' देने के इरादे से आए थे। CJP ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध लोगों को पहचानें और उन्हें तुरंत बाहर का रास्ता दिखाएं, क्योंकि इन लोगों का सोनम वांगचुक या उनके शांतिपूर्ण आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है।
लंबे समय से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भूखे रहने के कारण वांगचुक के शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो गई है, जिसके लिए तुरंत इलाज की जरूरत है। लेकिन वांगचुक के परिवार ने अभी तक अस्पताल को इलाज शुरू करने की मंजूरी नहीं दी है।
इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल के इलाज पर अविश्वास जताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मांग की है कि वांगचुक को उनकी पसंद के किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत दी जाए। वहीे पर सफदरजंग के डॉक्टरों के साथ AIIMS की एक स्पेशल टीम भी उनके क्लिनिकल मैनेजमेंट और निगरानी के लिए जुड़ गई है।
अस्पताल के बेड से ही सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी के जरिए देश के नाम एक बड़ा संदेश भेजा है। उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को भारत का ‘दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन’ करार दिया है। वांगचुक ने अपने सभी समर्थकों से एकजुट होने और इस मार्च को एक बड़ी सफलता बनाने की अपील की है।