
Abhijeet Deepke: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। पुलिस ने वहां प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन हटा दिया है। इसके विरोध में अब युवा एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस बीच, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में रहने वाले अभिजीत के माता-पिता अपने बेटे की सेहत को लेकर बहुत चिंता में हैं। उन्होंने सरकार के इस तरीके को गलत बताते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी ने भी मांग की है कि उनके पति को सरकारी अस्पताल से हटाकर किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया जाए और इसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से बेहद शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन चल रहा था। वहां हिंसा या हंगामे जैसी कोई बात नहीं थी। इसके बावजूद पुलिस ने जिस तरह बलपूर्वक प्रदर्शन को खत्म कराने की कोशिश की, वह पूरी तरह तानाशाही रवैया है।
उनके पिता ने कहा कि अगर सरकार चाहती तो शिक्षा मंत्री बातचीत के लिए अपना कोई अधिकारी भेज सकते थे और बातचीत से रास्ता निकल सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पिता ने यह भी कहा कि पुलिस ने बड़े अधिकारियों के दबाव में यह कार्रवाई की है। उन्होंने साफ किया कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे खुद बेटे का साथ देने के लिए दिल्ली के आंदोलन में शामिल होने जाएंगे।
अभिजीत की मां अनीता दीपके ने बताया कि उनका बेटा पिछले एक महीने से इस आंदोलन से जुड़ा हुआ है और उसने 20 जुलाई के बाद घर लौटने की बात कही थी। मां ने बताया कि अभिजीत उनका इकलौता बेटा है और वह माइग्रेन जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है। वह लंबे समय तक भूखा रहने का आदी नहीं है, ऐसे में भूख हड़ताल पर बैठने के उसके फैसले से पूरा परिवार डरा हुआ है।
मां ने पुलिस की कार्रवाई पर दुख जताते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को कम से कम अपनी सुबह की दिनचर्या पूरी करने का मौका दिया जाना चाहिए था। अगर पुलिस अभिजीत के खिलाफ भी ऐसा ही कड़ा रुख अपनाती है, तो उनके परिवार के लिए परिस्थितियां संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
इस पूरे विवाद के बीच, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। गीतांजलि ने कहा कि उन्हें सरकारी अस्पताल के इलाज पर भरोसा नहीं है, इसलिए वांगचुक को किसी अच्छे प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने इस मामले में अदालत से आज ही तत्काल सुनवाई की अपील की है।