श्रीलंका में आर्थिक हालात काफी खराब हैं। श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने 2 अरब रुपये से अधिक की मानवीय सहायता खेप सौंपी, जो रविवार को कोलंबो पहुंची। इस मदद के लिए श्रीलंका के पूर्व कैबिनेट मंत्री नमल राजपक्षे ने भारत का आभार व्यक्त किया।
श्रीलंका अपनी आजादी के बाद सबसे खराब हालातों से जूझ रहा है। यहां आर्थिक हालात बद से बदतर हो गए हैं। देश में महंगाई चरम पर है तो वहीं आवश्यक वस्तुओं का अकाल पड़ गया है। संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के लोगों के लिए चावल, जीवन रक्षक दवाइयों, दूध पाउडर जैसी जरूरी राहत आपूर्ति लेकर एक भारतीय जहाज रविवार को कोलंबो पहुंचा और इस खेप को वहां की सरकार को सौंप दिया गया। भारत की ओर से भेजी गई करीब दो अरब रुपये की मानवीय सहायता आज श्रीलंका पहुंच गई है। भारत द्वारा की गई इस मानवीय सहायता के लिए श्रीलंका के पूर्व कैबिनेट मंत्री नमल राजपक्षे ने भारत का आभार व्यक्त किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने कहा कि भारत वर्षों से देश का एक बड़ा भाई रहा है, जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे। नमल राजपक्षे ने ट्वीट कर कहा, "LKA को भेजी गई सहायता और आवश्यक वस्तुओं के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, माननीय सीएम एमके स्टालिन और भारत के लोगों का आभारी हूं। भारत निश्चित रूप से वर्षों से LKA का एक बड़ा भाई और एक अच्छा दोस्त रहा है, जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे! धन्यवाद।"
इससे पहले श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने ट्वीट कर भारत सरकार का आभार जताया था। श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, "श्रीलंका को आज भारत की ओर से दूध पाउडर, चावल और दवाओं समेत दो अरब मूल्य की मानवीय सहायता मिली है. इसके लिए मैं भारत की जनता, विशेष रूप से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के समर्थन की सराहना करता हूं।"
बता दें, रविवार को भारत द्वारा श्रीलंका को भेजे गए इस खेप में 9000 मीट्रिक टन चावल, और 50 मीट्रिक टन दूध पाउडर, 25 मीट्रिक टन से अधिक दवाओं और अन्य दवा आपूर्ति शामिल हैं। इससे पहले, भारत सरकार ने श्रीलंका को सूखा राशन, दवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुओं को अनुदान के आधार पर भेजा था।
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संकट के इस समय में, भारत ने इतिहास में सबसे खराब आर्थिक संकटों में से एक के बीच श्रीलंका की मदद करने के लिए जनवरी 2022 से मुद्रा स्वैप, आवश्यक वस्तुओं के लिए क्रेडिट लाइनों और ऋणों के पुनर्भुगतान के माध्यम से नकदी की कमी वाले कोलंबो को लगभग 3 बिलियन अमरीकी डालर देने का वादा किया है। इस समय श्रीलंका निर्यातकों का भुगतान नहीं कर पा रहा है, उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इसी वजह से भारत ने इस तरह से भी श्रीलंका को बड़ा सहारा दिया है।
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