Delhi Government School Summer Vacation 2026: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 11 मई से 30 जून 2026 तक गर्मियों की छुट्टियां घोषित की गई हैं। 9वीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए 23 मई तक विशेष रिमेडियल कक्षाएं चलेंगी, जिसके बाद स्कूल 1 जुलाई को फिर से खुलेंगे।
Summer vacations Delhi schools : दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सरकारी स्कूलों के लिए गर्मियों की छुट्टियों (Summer Vacations) के आधिकारिक कैलेंडर की घोषणा कर दी है। इस साल दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 11 मई से 30 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं की गंभीरता को देखते हुए कुछ कक्षाओं के लिए स्कूल पूरी तरह बंद नहीं होंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, करीब डेढ़ महीने की छुट्टियों के बाद दिल्ली के सभी सरकारी स्कूल 1 जुलाई 2026 को दोबारा खुलेंगे। यह छुट्टियां छात्रों को भीषण गर्मी से राहत देने और शैक्षणिक सत्र के बीच में एक जरूरी ब्रेक देने के उद्देश्य से घोषित की गई हैं।
छुट्टियों की घोषणा के बावजूद कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन और शैक्षणिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए इन कक्षाओं के छात्रों के लिए 11 मई से 23 मई तक विशेष रिमेडियल कक्षाएं (Remedial Classes) आयोजित की जाएंगी। छात्रों के कमजोर विषयों पर ध्यान देना और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को मजबूत करना। यह कक्षाएं केवल 13 दिनों के लिए संचालित होंगी, जिसके बाद इन छात्रों को भी छुट्टियों का लाभ मिल सकेगा।
छुट्टियों के दौरान शिक्षकों को भी कुछ विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि 1 जुलाई से स्कूल खुलने पर सुचारू रूप से पढ़ाई शुरू की जा सके। साथ ही, रिमेडियल कक्षाओं के लिए शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। दिल्ली सरकार का मुख्य फोकस इस बार 10वीं और 12वीं के रिजल्ट में सुधार लाना है, यही वजह है कि गर्मियों की छुट्टियों के बीच भी पढ़ाई का सिलसिला जारी रखा जा रहा है।
जारी सर्कुलर के मुताबिक कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं 11 मई, सोमवार से शुरू होंगी और 23 मई तक चलेंगी। इस दौरान शिक्षकों की ड्यूटी सुबह 7:20 बजे से 11 बजे तक रहेगी, जबकि छात्रों को सुबह 7:30 बजे स्कूल पहुंचना होगा। एक्स्ट्रा क्लास में एक-एक घंटे के तीन पीरियड आयोजित किए जाएंगे। 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जबकि 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विषयों का चयन स्कूल प्रमुख जरूरत के आधार पर करेंगे।