लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपने पिता की सलामती की दुआ मांगने के लिए मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने गए थे। मगर उन्हें बिना दर्शन किये ही वापस लौटना पड़ा। तेज प्रताप ने बताया की उन्हें यूपी पुलिस ने दर्शन करने से रोक दिया गया।
इस समय राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रिमो बीमार चल रहे है, वह पटना के AIIMS में भर्ती हैं। वहीं उनके बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव उनकी सलामती की दुआ मांगने मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने गए थे। मगर उन्हें बिना दर्शन किये ही वापस लौटना पड़ा। तेज प्रताप ने बताया की उन्हें यूपी पुलिस ने दर्शन करने से रोक दिया। 20 साल में ऐसा पहली दफा हुआ है जब मथुरा पुलिस के आला अधिकारियों ने उनको दर्शन करने से रोका है।
दरअसल, तेज प्रताप फिलहाल अपने पिता व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की सेहत में जल्द सुधार को लेकर वृंदावन में हैं। इसी क्रम में मंगलवार को वे गोवर्धन पर्वत पहुचे थे, जहां उन्हें दर्शन करने से मथुरा एसएसपी और गोवर्धन थाना इंजार्च ने रोका दिया। इसके बाद करीब आधे घंटे तक उन्हें थाने में ही बिठाकर रखा गया।
वहीं प्रोटोकॉल के तहत तेज प्रताप के जाने की सूचना पहले से ही यूपी पुलिस को दे दी गयी वहीं इस घटना के बाद तेजप्रताप आग बबुला हो गये। उन्होंने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों को सम्मान करना चाहिए था न कि उन्हें भगवान के दर्शन करने से रोका जाना चाहिए। तेज प्रताप ने इस पूरे मामले में कहा कि अधिकारियों ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर ऐसा किया है।
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तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि पूजा स्थल पर कई गाड़ियों को बड़े ही आराम से जाने दिया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के परिवार के लोगों की गाड़ियों को भी जाने दिया जा रहा था। बता दें, तेज प्रताप भगवान कृष्ण के परम भक्त हैं, उन्होंने अपने पिता के जल्द स्वस्थ होने को लेकर भगवान की शरण में हैं, ऐसा ट्वीट कर उन्होंने जानकारी दी थी।
वहीं आज सुबह तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर यह भी बताया था कि उनके पिताजी को अस्पताल में श्रीमद भागवत गीता का पाठ करने और सुनने से रोक दिया गया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "पिताजी को अस्पताल में श्रीमद भगवद गीता का पाठ करने एवं सुनने से रोक दिया गया,जबकि पिताजी को गीता पाठ पढ़ना एवं सुनना काफी पसंद है......गीता पाठ से रोकने वाले वाले उस अज्ञानी को ये नहीं पता कि इस महापाप की कीमत उसे इसी जन्म में चुकानी होगी।"