जातिगत जनगणना (caste census) कराने को लेकर केंद्र सरकार के इंकार के बाद से बिहार की सियासत गरमा गई है। अब तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने देश के विभिन्न दलों के 33 प्रमुख नेताओं को पत्र लिखकर जातिगत जनगणना के मुद्दे पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है और समर्थन मांगा है।
नई दिल्ली। जातिगत जनगणना (caste census) कराने को लेकर केंद्र सरकार के इंकार के बाद से बिहार की सियासत गरमा गई है। वहीं बिहार के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जातिगत जनगणना (Caste Based Census) के मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। बता दें कि तेजस्वी यादव (tejashwi yadav) ने हाल ही में यह संबंध में जदयू को उसका रुख स्पष्ट करने के लिए तीन दिन का समय दिया था। अब तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने देश के विभिन्न दलों के 33 प्रमुख नेताओं को पत्र लिखकर जातिगत जनगणना के मुद्दे पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है और समर्थन मांगा है।
पत्र के जवाब का इंतजार कर रहे तेजस्वी
बता दें कि तेजस्वी यादव ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, वीआइपी प्रमुख मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) जैसे 33 दिग्गजों को पत्र लिखा है। खास बात यह है कि तेजस्वी यादव के इस अभियान में भाजपा नेताओं को नजरअंदाज किया गया है। तेजस्वी यादव का कहना है कि फिलहाल वे अपने इस पत्र पर नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद वे आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
जतीय जनगणना के पक्ष में नहीं है केंद्र
केंद्र सरकार ने बिहार में जातिगत जनगणना (caste census) से इंकार कर दिया है। जातिगत जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से दायर याचिक के जवाब में अपना पक्ष रखा है। केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर साफ तौर पर कहा है कि जाति आधारित जनगणना प्रशासन के स्तर से कठिन है। इसके बाद से केंद्र के इस रवैये की जमकर आलोचना हो रही है।
गौरतलब है कि बीते दिनों बिहार के कई पार्टियों के नेताओं ने राज्य में जातिगत जनगणना के मुद्दे पर पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद सभी नेताओं पर चेहरे पर संतोष की भावना दिखी थी। पीएम से मुलाकात के बाद नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीरता से उनकी बात सुनी है और जल्द ही वो इस संबंध में अपना निर्णय लेंगे।