
Delhi Riots Case: दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को एक बार फिर राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों ने 4 जुलाई 2026 को कड़कड़डूमा कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यह हाईकोर्ट में उमर खालिद की तीसरी जमानत याचिका थी।
मामले की सुनवाई जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने की। यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी साजिश का आरोप लगाया है। दोनों के खिलाफ UAPA समेत कई धाराओं में केस दर्ज है। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अभी ट्रायल में फैसला होना बाकी है।
दोनों को इससे पहले भी जमानत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उमर खालिद की जमानत अक्टूबर 2022 और सितंबर 2025 में खारिज की थी। इन फैसलों को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कुछ दूसरे आरोपियों को जमानत दी थी, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को उस समय राहत नहीं मिली।
इसके बाद दोनों ने फिर से निचली अदालत में जमानत मांगी। 4 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोनों की अर्जियां खारिज कर दीं। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। उमर खालिद की याचिका पर हाईकोर्ट ने जुलाई में दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था। बाद में शरजील इमाम की याचिका को भी इसी मामले के साथ सुनने का फैसला हुआ।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दोनों की जमानत का विरोध किया। पुलिस का कहना था कि जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत को लेकर जो बातें कही थीं, उन्हें ध्यान में रखते हुए अभी राहत नहीं दी जानी चाहिए। पुलिस ने दोनों पर दंगे की बड़ी साजिश में शामिल होने का आरोप भी लगाया है। यह पुलिस का आरोप है और इन आरोपों पर ट्रायल में फैसला होना बाकी है।
हाईकोर्ट ने अब दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2026 के आदेश में रखी गई शर्तों को भी ध्यान में रखा। इस फैसले के बाद दोनों को जमानत के लिए आगे किस अदालत का रुख करना है, यह उनके वकीलों की अगली कानूनी कार्रवाई पर निर्भर करेगा।