बजट में देश की राजधानी दिल्ली का विशेष ध्यान रखा गया है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर बुनियादी सुविधाओं के लिए खजाने का मुंह खोला गया है।
Union Budget 2026 बजट 2026 में देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों ( NCR ) की तस्वीर बदलने की तैयारी कर ली गई है। इस बजट में मोदी सरकार ने कनेक्टिविटी, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। दिल्ली को 'स्मार्ट और सेफ' बनाने के लिए केंद्र ने दिल खोलकर फंड जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत कनेक्टिविटी को लेकर आई है। केंद्र ने मेट्रो विस्तार और तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए बजट आवंटित किया है। अगले वित्त वर्ष में दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क का बड़ा विस्तार होगा। रीजनल रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए 2,200 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
बजट में एक अच्छी खबर यह है भी है कि, अगले कुछ महीनों में दिल्ली-अलवर कॉरिडोर का काम शुरू होने की उम्मीद है, जिससे राजस्थान और दिल्ली की दूरी सिमट जाएगी। माना जा रहा है कि यह कॉरिडोर मील का पत्थर साबित होगा। बजट में इस कॉरिडोर का विशेष ध्यान रखा गया है।
राजधानी में स्वास्थ्य सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए भारी भरकम निवेश किया जा रहा है। AIIMS और बड़े अस्पताल एम्स, सफदरजंग और आरएमएल जैसे बड़े अस्पतालों के लिए 10,121 करोड़ रुपये का प्रावधान दिया गया है। एम्स में जल्द ही नए सुपर-स्पेशियलिटी ओपीडी ब्लॉक का निर्माण शुरू होगा। बजट में सिर्फ एम्स पर ही नहीं बल्कि आयुर्वेद पर भी ध्यान दिया गया है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ( AIIA ) को 977.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले हैं।
बजट में दिल्ली की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए भी जगह दी गई है। पीने का पानी के लिए चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट के लिए 380 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं ताकि पानी की किल्लत दूर हो सके। सुरक्षा के लिए पुलिस को 12,846.13 करोड़ रुपये मिले हैं जिससे पुलिसिंग को हाईटेक बनाया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार को विदेशी एजेंसियों द्वारा संचालित परियोजनाओं के लिए 1,348 करोड़ रुपये मिलेंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट का स्वागत करते हुए इसे विकासोन्मुखी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि "इस बजट की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। इसमें समाज के हर वर्ग और दिल्ली की जरूरतों का पूरा ख्याल रखा गया है। आने वाले समय में राजधानी में विकास की नई क्रांति दिखेगी।"
77,000 करोड़: दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू एंड काश्मीर के लिए केंद्र की योजनाओं का कुल फंड।
470 करोड़: NCR प्लानिंग बोर्ड को मिले।
5.78 करोड़: दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन के हिस्से आए।