नई दिल्ली

West Bengal SSC recruitment scam: केंद्र पर बरसीं ममता बनर्जी, BJP पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का लगाया आरोप

SSC भर्ती घोटाले पर जारी विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार निशाना साधते हुए उस पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए संघीय एजेंसियों का ''दुरुपयोग'' करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि लेफ्ट के शासनकाल में सरकारी नौकरियों में नियुक्ति की प्रक्रिया के समय काफी गड़बड़ी होती थी।

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स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) नियुक्ति घोटाले में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के मंत्रियों का नाम आने के बाद राज्य में सियासी घमासान एक बार फिर से शुरू हो गया है। 19 मई को SSC नियुक्तियों में अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद और सीबीआई जांच शुरू होने के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राजनीतिक प्रतिशोध के लिए संघीय एजेंसियों का 'दुरुपयोग' करने का आरोप लगाया।

बता दें कि बंगाल के स्कूल सेवा आयोग के माध्यम से ग्रुप डी, ग्रुप सी और कक्षा नौ और 10वीं के शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली करने का आरोप ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों पर लगा है। जिसे लेकर पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल बीजेपी ने ममता सरकार पर निशाना साधा था। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए और दोषियों को सजा देने के लिए शिकायत दी गई। जिसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में एक अहम फैसला सुनाया।

सीएम ममता बनर्जी ने इस मामले को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया की राज्य की पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल के दौरान सरकारी नौकरियों की भर्ती में कई विसंगतियां थीं और वह उससे जुड़ी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक करेंगी।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "भाजपा देश में तुगलकी शासन चला रही है और देश को बांटने की कोशिश कर रही है। वे केंद्रीय एजेंसियों को नियंत्रित कर रहे हैं और उनका इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कर रहे हैं।"

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उन्हों कहा, "नियुक्तियों में विसंगतियों को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है। अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो कानून अपना काम करेगा। मगर, यह दुष्प्रचार अभियान बंद होना चाहिए। वाम मोर्चे की सरकार के दौरान एक कागज के टुकड़े पर नाम लिखकर देने से ही नौकरी मिल जाती थी। मैं इन अनियमितताओं का जल्द खुलासा करूंगी।"

आपको बता दें कि एकल पीठ ने इन नियुक्तियों में हुई धांधली की जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंपा था। जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने दो जजों की खंडपीठ में याचिका दायर की थी। अब खंडपीठ ने भी एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखते हुए नियुक्ति में हुई धांधली की जांच सीबीआइ से ही कराने का निर्देश दे दिया है।

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Published on:
19 May 2022 03:22 pm
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