पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले में कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका खारिज कर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
स्कूल सेवा आयोग (SSC) भर्ती घोटाले के आरोप में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड के बाद अब 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है। आज यानी 5 अगस्त को पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की ED की हिरासत की अवधि खत्म हुई थी। जिसके बाद ED ने दोनों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए अनुरोध किया था। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की विशेष अदालत ने दोनों को 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ED ने कोर्ट में कहा कि दोनों आरोपियों से उनके घर से मिली कई चीजों को लेकर पूछताछ करनी है। ED ने अर्पिता मुखर्जी के आवास पर छापेमारी कर 50 करोड़ रुपए केश और भारी मात्रा में सोना बरामद किया था। जिसके बाद पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था। ED के अनुरोध के बाद PMLA अदालत के न्यायाधीश जिबोन कुमार साधु ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
कोर्ट ने पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका खारिज करते हुए आदेश दिया है कि दोनों को 18 अगस्त को फिर से पेश किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। बता दें, 23 जुलाई को बंगाल के स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की अवैध नियुक्ति के मामले में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद से दोनों ED रिमांड में हैं। पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्री पद से मुक्त कर दिया है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन्हें पार्टी के सभी पदों से भी बर्खास्त कर दिया था।
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