नई दिल्ली

दिल्ली में 3 साल की बच्ची के साथ रेप मामले में आरोपी को मिली जमानत, POCSO एक्ट के तहत हुआ था मामला दर्ज

POCSO Act case: वेस्ट दिल्ली के स्कूल में तीन साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार केयरटेकर को अदालत से जमानत मिल गई। जानकारी के अनुसार आरोपी के खिलाफ POCSO Act और गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

3 year old girl rape case: हाल ही में पश्चिमी दिल्ली के एक स्कूल में पढ़ने वाली तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। बच्ची की मां ने 1 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में आरोप लगाया गया था कि स्कूल में 57 साल के केयरटेकर ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्च ने इस ममाले के आरोपी को जमानत दे दी है।

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POCSO एक्ट और गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें रेप के अपराध के लिए कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा आरोपी पर पॉक्सो एक्ट की धारा 6 भी लगाई गई, जो बच्चों के साथ गंभीर यौन अपराधों से जुड़ी है।
जांच के दौरान बच्ची ने आरोपी की पहचान की थी। इसके बाद पुलिस ने उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

कोर्ट ने क्यों दी आरोपी को जमानत?

द्वारका कोर्ट के अतिरिक्त सत्र जज रोहित गुलिया ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी सुबह करीब 8:37 बजे स्कूल के जूनियर विंग से निकल गया था और उसके बाद वापस नहीं लौटा। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी जांच में सहयोग कर रहा था और उसके खिलाफ ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे लगे कि वह भागने की कोशिश कर सकता है या जांच को प्रभावित करेगा।

कोर्ट ने जांच और सबूतों को लेकर क्या कहा?

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस द्वारा घटनास्थल की जांच पूरी कर ली गई है और सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर समेत जरूरी सबूत जब्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा जूनियर विंग के शिक्षकों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल आरोपी को लंबे समय तक जेल में रखने की जरूरत नहीं दिखती। हालांकि अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता का बयान BNSS की धारा 183 के तहत अदालत में दर्ज कराया गया है। वहीं, घटना के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

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