नई दिल्ली

Delhi Court: पति की हत्या में गिरफ्तार पत्नी अगले ही दिन कोर्ट से रिहा, बच्चों के सामने करता था यौन शोषण

Delhi Court: शनिवार को पुलिस ने महिला को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि मौजूदा समय में पत्नी के खिलाफ पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। ऐसे में उसे रिहा कर दिया गया।

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बस्तर में भी बंद हो टोल वसूली (Photo source- Patrika)

Delhi Court: राजधानी दिल्ली में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसमें एक महिला को अपने पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अदालत ने उसे महज एक दिन बाद ही सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया। मृतक एनडीएमसी में क्लास-4 कर्मचारी था। उसकी मौत पर पत्नी ने आत्महत्या करने का दावा किया था। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने से हत्या की पुष्टि हुई थी। इससे जांच का रुख बदल गया और पुलिस ने सख्त पूछताछ के लिए महिला को गिरफ्तार कर लिया।

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छह जुलाई की रात की घटना

घटना 6 जुलाई की रात की है, जब एक 42 साल की महिला अपने पति को एक पड़ोसी के साथ लोक नायक अस्पताल लेकर पहुंची थी। महिला ने डॉक्टरों को बताया कि उसके पति ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन डॉक्टरों को मृतक की गर्दन पर गला दबाने के निशान दिखे। जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा। अगले दिन हुई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी। रिपोर्ट में कहा गया कि व्यक्ति की मौत गला घोंटने से हुई थी और सांस नली फट गई थी। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसा अपराध अकेले संभव नहीं, बल्कि इसमें दो या अधिक लोगों की भूमिका हो सकती है।

मौके पर नहीं मिले आत्महत्या के कोई साक्ष्य

महिला के आत्महत्या वाले दावे और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के विरोधाभास ने उसे संदेह के घेरे में ला दिया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जहां कोई भी ऐसा कपड़ा, रस्सी या उपकरण नहीं मिला। जिससे आत्महत्या की जा सकती थी। मामले की गहनता से जांच के बाद आईपी एस्टेट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और धारा 3/5 (साझा इरादा) के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने मृतक की पत्नी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया और एक दिन की पुलिस रिमांड पर रखा।

अदालत ने सबूतों के अभाव में किया रिहा

रिमांड के दौरान पुलिस महिला से पूछताछ करती रही, लेकिन महिला ने पति के आत्महत्या करने की बात ही कही। इसके बाद शनिवार को पुलिस ने महिला को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि मौजूदा समय में पत्नी के खिलाफ पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। ऐसे में उसे रिहा कर दिया गया। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिलते हैं तो उसे दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है।

घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न का शिकार थी महिला

पुलिस की जांच में ये भी सामने आया कि महिला घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न का शिकार थी। मृतक के रिश्तेदारों ने बताया कि पति अपने बच्चों के सामने पति से यौन संबंध बनाता था। इसके लिए मारपीट भी करता था। महिला की सास और मृतक की मां ने भी इस बात की पुष्टि की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मृतक अक्सर शराब के नशे में रहता था और बच्चों के सामने भी पत्नी को प्रताड़ित करता था। महिला और पुरुष के चार बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़ी 21 साल, उससे छोटी 19 और उसके बाद साल की बेटियां हैं। इसके अलावा सबसे छोटा बेटा आठ साल का है। पड़ोसियों के अनुसार, दंपति के बीच झगड़े अक्सर सार्वजनिक होते थे। जिनके गवाह आसपास के लोग भी बने थे।

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