
बड़े सियासी तमाशे के बाद एक बार फिर शी जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति बन गए हैं, जिसके साथ ही उन्होंने चीन में इतिहास रच दिया। कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन शुरू होने के पहले से ही तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति के लिए शी जिनपिंग का नाम तय माना जा रहा था, जिन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ने तीसरी बार महासचिव के रूप में चुना है। इसके बाद अब शी जिनपिंग अगले 5 साल के लिए चीन के राष्ट्रपति का पदभार संभालेंगे।
इससे पहले शी जिनपिंग ने 22 अक्टूबर को चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री ली केकियांग को पार्टी लीडरशिप से हटा दिया था, जिसके बाद अब ली कियान्ग को चीन का नया प्रधानमंत्री चुना गया है। वहीं शी जिनपिंग ने स्टैंडिंग कमेटी के 7 मेंबर्स का भी ऐलान कर दिया है।
30 साल पुराना नियम टूटा
शी जिनपिंग के तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति बनने के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी का 30 साल पुराना नियम टूट गया है। दरअसल साल 1980 में चीन ने राष्ट्रपति पद के लिए 10 साल के कार्यकाल का नियम बनाया गया था।
दुनिया को चीन की जरूरत: शी जिनपिंग
मीडिया को संबोधित करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि चीन दुनिया के बिना विकसित नहीं हो सकता और दुनिया को भी चीन की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले 40 सालों में अथक प्रयास के बाद सुधार और खुलेपन की दिशा में हमने 2 चमत्कार किए हैं, जिसमें तेजी से आर्थिक विकास और दीर्घकालिक सामाजिक स्थिरता है।
शी जिनपिंग ने स्टैंडिंग कमेटी के 7 मेंबर्स का किया ऐलान
शी जिनपिंग ने पोलितब्यूरो की स्टैंडिंग कमेटी के 7 मेंबर्स के नामों का भी ऐलान कर दिया है, जिसमें ली कियान्ग, झाओ लेजी, वांग हुनिंग, काई की, ली शी और डिंग शुशियांग शामिल हैं। इसके साथ ही चीन के राष्ट्रपति चुने जाने पर उन्होंने कहा कि "आपने हम पर जो भरोसा किया है, उसके लिए मैं पूरी पार्टी को ईमानदारी से धन्यवाद देना चाहता हूं।"
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