-मेडिकल कॉलेज को शुरू करने के लिए जिला अस्पताल में बेड संख्या ६०० करने की चुनौती।
दमोह. जिला अस्पताल में ३०० बिस्तर बढ़ाए जाना हैं। हालांकि कहां पर निर्माण होगा, इसको लेकर अभी स्थल तय नहीं हुआ है। कुछ दिन पहले सीएमएचओ ने सिविल सर्जन कार्यालय और ओपीडी कॉम्प्लेक्स की जगह पर ३०० बेड का अस्पताल बनाने की बात कही थी। वहीं, अब अस्पताल से लगी वन विभाग की जमीन पर नया अस्पताल बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है। मामले में बताया जा रहा है कि वन विभाग ने एनओसी दे दी है। यानी लगभग ७ एकड़ जमीन अस्पताल को मिल चुकी है, पर यहां १८ वनकर्मी अपने परिवार के साथ निवास कर रहे हैं। प्रशासन इस उलझन में है कि इन्हें कहां शिफ्ट करें। वहीं, एक तीसरा विकल्प भी सामने आ रहा है, जिस पर प्रशासन विचार कर रहा है।
चर्चा है कि पुराने बस स्टेंड की जगह पर भी ३०० बेड का अस्पताल बनाया जा सकता है। यह जिला अस्पताल के पिछले हिस्से से काफी नजदगी है। हालांकि ऐसा होना भी आसान नहीं है। परिवहन विभाग के पेंच को सुलझाने में प्रशासन को काफी मेहनत करना होगी। बहरहाल मेडिकल कॉलेज निर्माण से पूर्व प्रशासन को नए बेड बढ़ाने के लिए जल्द स्थान चयनित करना होगा और अक्टूबर २०२५ से पहले काम पूरा करना होगा।
-केंद्र से नहीं मिल रही मदद
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए केंद्र से मदद नहीं मिल रही है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जिन नए १४ मेडिकल कॉलेजों को हरीझंडी मिली थी। उनमें केंद्र सरकार की ओर से कोई राशि नहीं दी जा रही है। केंद्र सरकार अपने खर्चें पर यह मेडिकल कॉलेज बना रही है। यही वजह है कि दमोह में मेडिकल कॉलेज में अस्पताल नहीं बनाया जा रहा है। जिला अस्पताल में ही मरीजों का इलाज होगा।
-अस्पताल का बढ़ेगा कद, मरीजों को मिलेगी सुविधाएं
यदि जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की तैनाती होगी तो इसका असर जिला अस्पताल के कद पर पड़ेगा। मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों की मौजूदगी से मरीजों की संख्या बढ़ेगी। आसपास के जिलों से भी मरीज इलाज कराने के लिए दमोह आएंगे। अभी जहां ओपीडी ६०० के आसपास है। मेडिकल कॉलेज स्टाफ तैनात होने पर संख्या दो गुना से अधिक हो जाएगी।
वर्शन
वन विभाग की जमीन के संबंध में एनओसी मिल गई है। १८ वनकर्मियों को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। यहां पर अस्पताल बनाया जा सकता है।
सुधीर कुमार कोचर, कलेक्टर दमोह