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AIIMS Bhopal: एम्स में दुर्लभ बी-नेगेटिव ब्लड ग्रुप मरीज का हार्ट सर्जरी, बिना खून चढ़ाए बचाई जान

डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए बेंटॉल प्रोसीजर के तहत ऑपरेशन किया, जिसमें सूज चुकी महाधमनी और लीक कर रहे एओर्टिक वॉल्व को निकालकर कृत्रिम महाधमनी और वॉल्व लगाए गए।
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Updated: 23 Jun 2025, 1:08 AM IST
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Image Source (Pic: AIIMS)

भोपाल. एम्स के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में सिहोर निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति की जटिल हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। वह भी तब जब मरीज का ब्लड ग्रुप अत्यंत दुर्लभ बी-नेगेटिव था। इस दौरान मरीज को रक्त चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी। मालूम हो कि मरीज को पिछले छह माह से लगातार सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत थी। जांच में पता चला कि उसकी छाती की महाधमनी (एओर्टा) में 8-10 सेंटीमीटर की सूजन है, जो कभी भी फट सकती थी।
इसके साथ ही हृदय का एओर्टिक वॉल्व भी गंभीर रूप से लीक कर रहा था। ऐसे मामलों में जान बचाने के लिए तत्काल सर्जरी आवश्यक होती है।
टीम में ये चिकित्सक रहें शामिल
इस दौरान डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए बेंटॉल प्रोसीजर के तहत ऑपरेशन किया, जिसमें सूज चुकी महाधमनी और लीक कर रहे एओर्टिक वॉल्व को निकालकर कृत्रिम महाधमनी और वॉल्व लगाए गए। सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू में रखा गया, जहां उसके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हुआ। इस ऑपरेशन को करने वाली टीम में डॉ. योगेश के. निवारिया, डॉ. एम. किशन, डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. विक्रम वट्टी और डॉ. आदित्य सिरोही शामिल रहे।

क्लीनिकल एक्सीलेंस का परिचायक
यह ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीज को पूरी तरह निःशुल्क किया गया। यह उपलब्धि एम्स भोपाल की क्लीनिकल एक्सीलेंस का परिचायक है और यह सिद्ध करती है कि हम मध्य प्रदेश के नागरिकों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रो. डॉ. अजय सिंह, निदेशक, एम्स भोपाल

Updated on:
23 Jun 2025, 1:08 AM IST
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