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Andhra Pradesh : तिरुपति मंदिर प्रतिदिन 35,000 भक्तों को ‘वड़ा प्रसाद’ परोसेगा

मंदिर निकाय के अध्यक्ष ने कहा कि पदभार संभालने के बाद, उन्होंने भक्तों के लिए अन्ना प्रसादम मेनू में एक अतिरिक्त आइटम जोडऩे की कल्पना की थी। जब यह प्रस्ताव आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के ध्यान में लाया गया, तो उन्होंने इसे मंजूरी दे दी। उनकी मंजूरी मिलने के साथ ही वड़ा प्रसादम कार्यक्रम शुरू हो गया।
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Mar 07, 2025
Andhra Pradesh: Tirupati temple will serve 'vada prasad' to 35,000 devotees daily

प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से शाम 4 बजे के बीच अन्न प्रसाद केंद्र में होगा वितरण

Andhra Pradesh अमरावती . तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने गुरुवार को तिरुमाला में तारिगोंडा वेंगाम्बा अन्ना प्रसादम भवन में भक्तों के लिए वड़ा प्रसादम कार्यक्रम शुरू किया।

कार्यक्रम में बोलते हुए, टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू ने कहा कि देवस्थानम पहले से ही भक्तों को उच्च गुणवत्ता वाला अन्ना प्रसादम परोसता है। यह प्रसादम स्वाद और पोषण दोनों को सुनिश्चित करता है। उन्होंने वड़ों की तैयारी में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि इसमें दाल, हरी मिर्च, अदरक, करी पत्ता, धनिया, धनिया के बीज और सौंफ शामिल हैं।

मंदिर निकाय के अध्यक्ष ने कहा कि पदभार संभालने के बाद, उन्होंने भक्तों के लिए अन्ना प्रसादम मेनू में एक अतिरिक्त आइटम जोडऩे की कल्पना की थी। जब यह प्रस्ताव आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के ध्यान में लाया गया, तो उन्होंने इसे मंजूरी दे दी। उनकी मंजूरी मिलने के साथ ही वड़ा प्रसादम कार्यक्रम शुरू हो गया।

अब से प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से शाम 4 बजे के बीच अन्न प्रसाद केंद्र में भक्तों को 35,000 वड़े वितरित किए जाएंगे। अध्यक्ष ने घोषणा की कि भविष्य में इस संख्या को बढ़ाया जाएगा, जिससे आने वाले भक्तों को स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की टीटीडी की प्रतिबद्धता को बल मिलेगा।

नो-फ्लाई जोन घोषित करने की मांग

पत्र में कहा गया है कि तिरुमाला तीर्थस्थल को आगम शास्त्र के सिद्धांतों, मंदिर की पवित्रता और भक्तों की सुरक्षा और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नो-फ्लाई जोन घोषित किया जाना चाहिए। तिरुमाला तीर्थस्थल को वेंकटेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।

आगम शास्त्र संस्कृत शास्त्रों को संदर्भित करता है जो हिंदू धर्म और कुछ अन्य धर्मों में मंदिर निर्माण, पूजा अनुष्ठानों और आध्यात्मिक प्रथाओं के लिए मैनुअल के रूप में काम करते हैं। टीटीडी के अध्यक्ष नायडू ने कहा कि तिरुमाला पहाड़ी पर कम ऊंचाई पर उडऩे वाले विमान, हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई गतिविधियाँ श्रीवारी मंदिर के आसपास के पवित्र वातावरण को बिगाड़ रही हैं।

Updated on:
07 Mar 2025 06:02 pm
Published on:
07 Mar 2025 06:02 pm