अमृतसर के गोल्डन टेंपल पर योग करना वडोदरा की फैशन डिजाइनर अर्चना मकवाना को काफी भारी पड़ा। योग करने के बाद मिल रही जान से मारने की धमकियां। जिसके बाद गुजरात पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की है। 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मंदिर में शीर्षासन किया था जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
Archana Makwana death threats: वडोदरा की फैशन डिजाइनर अर्चना मकवाना ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में योग किया और जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। मंदिर में शीर्षासन की वह तस्वीरें वायरल हो गई। यह योग करना उसे काफी भारी पड़ रहा है। इसके बाद से ही अर्चना को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की है।
गोल्डन टेंपल में योग करने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान धामी ने हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें सिख मर्यादा एवं गुरमत के खिलाफ है। गुजरात पुलिस ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है।
वडोदरा के एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को कहा कि मकवाना को रविवार से एक हफ्ते के अवधि के लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है।
21 जून को गोल्डन टेंपल नें किया था योग
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अर्चना मकवाना ने मंदिर में शीर्षासन किया और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं, जो वायरल हो गईं। इसके बाद उन्हें आलोचना, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां मिलीं।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने मांगी माफी
अर्चना ने इसके लिए माफी भी मांग ली है और कहा कि उनका कभी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।
उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि मैंने योग दिवस पर लोगों को योग के प्रति जागरुक करने के लिए शीर्षासन किया, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मुझे बुरा लगा कि आपको बुरा लगा। मेरा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। मैं माफी मांगती हूं...मुझे गलत तरीके से समझा गया।
इसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है। एक अधिकारी ने सोमवार (24 जून) को इस बारे में जानकारी दी।
विरोधियों के मुताबिक
शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि 'सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में गुरु माटी के खिलाफ किसी को भी काम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर इस पवित्र स्थान की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व को नजरअंदाज कर जघन्य कृत्य करते हैं।'
उन्होंने कहा कि महिला अर्चना मकवाना के कृत्य से सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं और इसलिए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। लोगों को ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिसके लिए उन्हें बाद में माफी मांगनी पड़े।
पंजाब पुलिस ने रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की शिकायत के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादा) के तहत मकवाना के खिलाफ मामला दर्ज किया।