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औरंगाबाद की सोन नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा, 2 की मौत और 4 लापता

औरंगाबाद की सोन नदी में शुक्रवार को एक नाव पलट गई, जिसमें बड़ेम गांव निवासी दो लड़कियों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं और दो लड़कियां अभी भी लापता है।
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Updated: 11 Oct 2025, 3:55 PM IST
छठवीं कक्षा के छात्र ने की आत्महत्या (photo source- Patrika)
छठवीं कक्षा के छात्र ने की आत्महत्या (photo source- Patrika)

बिहार के औरंगाबाद से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां सोन नदी में शुक्रवार को एक नाव पलट गई, जिसके चलते दो लड़कियों की डूबने से मौत हो गई, जबकि 4 लोग अभी भी लापता है। वहीं नाव में सवार अन्य 11 लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली। नाव में सवार सभी लोग मजदूरी का काम करते है और घटना के समय काम पर जा रहे थे। नाव में क्षमता से अधिक लोग बैठाने की वजह से वो ओवरलोड हो गई और बीच रास्ते में पलट गई।

मजदूरी पर जा रहे थे सभी लोग

यह हादसा बड़ेम थाना स्थित नवीनगर ब्लॉक के रघुनाथपुर बालू घाट के पास हुआ है। सोन नदी डीला पर आलू बुआई का काम चल रहा था और यह सभी मजदूर वहीं जा रहे थे और रास्ते में हादसे का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में बड़ेम गांव की दो लड़कियों की मौत गई। मृतकाओं की पहचान शमीम अंसारी की बेटा तमन्ना (20) और योगेंद्र राय की बेटी काजल (21) के तौर पर की गई है। वहीं नाव में सवार दो लड़कियां और दो महिलाएं अभी भी लापता है।

NDRF और SDRF की तीन टीमें कर रही लापता लोगों की तलाश

लापता लोगों में बड़ेम निवासी नरेश चौधरी की बेटी सोनी कुमारी (21), सुरेंद्र चौरसिया की बेटी मंजू कुमारी (20), संजय चौधरी की पत्नी रंजीता देवी (35), चितरंजन पासवान की पत्नी सबिता देवी (30) शामिल है। इन लापता लोगों के झाड़ियों में फंसे होने या आगे किसी स्थान तक बह के जाने की संभावना जताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा दलों को मामले की जानकारी दी गई। NDRF और SDRF की तीन टीमों ने मौके पर पहुंच लापता लोगों की तलाश शुरु कर दी।

बेटी न मिले तो बॉडी तो मिले- लापता लड़की के पिता

दुर्घटना की खबर सामने आने के बाद से ही घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जिन लोगों के परिवार के सदस्य लापता है उनकी रो रो कर हालत खराब हो गई है। लापता सोनी कुमारी के पिता ने कहा कि, हम घटना की सूचना मिलते ही यहां पहुंच गए। उन्होंने आगे कहा, हम गरीब लोग है हम सरकार से क्या मांग सकते है। कोई हमारी सुनने वाला नहीं है, हमारी बेटी नहीं मिल रही है, कम से कम उसकी बॉडी तो मिलनी चाहिए।

Updated on:
11 Oct 2025, 3:55 PM IST
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