धमकी भरा पत्र मिलने के बाद बीएसएफ, पुलिस, रेलवे पुलिस ने चलाया स्टेशन पर सर्च अभियान, पत्र में लिखे गए प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक रेलवे स्टेशनों के नाम, अज्ञात के खिलाफ जीआरपी थाने में मामला दर्ज
हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन सहित प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिलने पर मंगलवार को हड़म्प मच गया। पुलिस प्रशासन ने रेलवे पुलिस के साथ मिलकर पत्र की पड़ताल की। साथ ही पुलिस और बीएसएफ के जाप्ते ने मिलकर रेलवे स्टेशन पर सर्च अभियान चलाया। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु वगैरह रेलवे स्टेशन पर नहीं मिली। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ जीआरपी थाने में मामला दर्ज किया गया है। इसकी जांच जीआरपी बीकानेर के डीएसपी कर रहे हैं।
एएसपी प्यारेलाल मीणा ने बताया कि जंक्शन रेलवे स्टेशन अधीक्षक को मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बंद लिफाफे में एक पत्र मिला। उसे खोलकर देखा तो उसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, बूंदी, उदयपुर सिटी आदि रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी लिखी हुई थी। पत्र में जैश ए मोहम्मद संगठन का नाम लिखा हुआ था। इसके बाद रेलवे पुलिस बल, जीआरपी, पुलिस व बीएसएफ की टीमों ने रेलवे स्टेशन परिसर में सर्च अभियान चलाया। इस संबंध में अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है। स्टेशन परिसर में रेलवे पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया है। पुलिस भी गश्त के दौरान रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी रख रही है। पत्र किसने लिखा, कहां से पोस्ट किया गया है, इसकी जांच पड़ताल की जा रही है।
जंक्शन रेलवे स्टेशन गत वर्ष 24 अक्टूबर को भी तब चर्चा आ गया था जब स्टेशन परिसर स्थित रेलवे अस्पताल के पास वाली दीवार पर अंग्रेजी भाषा में खालिस्तान जिंदाबाद लिखा हुआ पाया गया था। इसको लेकर स्टेशन मास्टर की रिपोर्ट पर अज्ञात जने के खिलाफ जीआरपी थाने में राजद्रोह, रेलवे सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने के प्रयास, नफरत फैलाने आदि धाराओं में मामला दर्ज किया गया। बीकानेर, जीआरपी के डीएसपी मामले की जांच की। इस प्रकरण में आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह पुत्र जगशेर सिंह निवासी बदर पट्टी चौकी कोट समीर जिला बठिंडा तथा हरमनप्रीत सिंह पुत्र काकू सिंह निवासी नसीबपुर तहसील तलवंडी साबो जिला बठिंडा के रूप में कर उनको 13 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनको देश विरोधी नारे खालिस्तान जिंदाबाद लिखने के लिए पैसे मिलते थे। पैसों के लालच में हनुमानगढ़ जंक्शन के अलावा पांच अन्य जगहों पर भी रेलवे स्टेशन परिसर में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे थे। बठिंडा में दो जगहों पर तथा धर्मशाला, अमृतसर एवं हनुमानगढ़ में एक-एक जगह पर देश विरोधी नारे लिखे थे।